मार्गशीर्ष अमावस्या: पितरों की कृपा पाने के लिए करें इस दुर्लभ स्तोत्र का पाठ
मार्गशीर्ष अमावस्या का पर्व इस वर्ष 20 नवंबर, गुरुवार को मनाया जाएगा। यह माह भगवान श्री कृष्ण को अत्यंत प्रिय है, इसलिए इस दिन उनकी विशेष पूजा-अर्चना का विधान है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मार्गशीर्ष अमावस्या के दिन गंगा स्नान करना, भगवान शिव की आराधना करना और अपने पितरों का तर्पण, श्राद्ध व पिंडदान करना अत्यधिक पुण्यकारी माना जाता है। ऐसा करने से पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है और वे प्रसन्न होकर अपने वंशजों को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करते हैं।
ज्योतिषियों का मानना है कि अमावस्या तिथि पितरों को समर्पित होती है। इस विशेष अवसर पर किए गए तर्पण और पिंडदान से पितर तृप्त होते हैं और उनकी कृपा प्राप्त होती है। जिन लोगों की कुंडली में पितृ दोष होता है, उनके लिए यह समय विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। इस दोष के निवारण के लिए मार्गशीर्ष अमावस्या पर ‘पितृ दोष निवारण स्तोत्र’ का पाठ करना अत्यंत लाभकारी सिद्ध होता है।
शास्त्रों के अनुसार, पितरों को प्रसन्न करने के लिए श्राद्ध कर्म और तर्पण के समय निम्नलिखित मंत्रों का पाठ किया जा सकता है:
‘रूचिरूवाच नमस्येऽहं पितृन् श्राद्धे ये वसन्त्यधिदेवताः । देवैरपि हि तर्प्यंते ये च श्राद्धैः स्वधोत्तरैः ।।’
इसका अर्थ है कि हम उन पितरों को नमस्कार करते हैं जो श्राद्ध में अधिदेवता के रूप में विराजमान हैं, और जिन्हें देवगण भी ‘स्वधा’ के साथ उत्तम श्राद्ध द्वारा तृप्त करते हैं।
आगे कहा गया है:
‘नमस्येऽहं पितृन्स्वर्गे ये तर्प्यन्ते महर्षिभिः । श्राद्धेर्मनोमयैर्भक्तया भुक्ति-मुक्तिमभीप्सुभिः ।।’
अर्थात्, मैं स्वर्ग में स्थित उन पितरों को नमस्कार करता हूँ, जिन्हें महर्षिगण भक्तिपूर्वक मन से किए गए श्राद्ध द्वारा तृप्त करते हैं, जो भुक्ति (भोग) और मुक्ति दोनों की अभिलाषा रखते हैं।
एक अन्य श्लोक में है:
‘नमस्येऽहं पितृन्स्वर्गे सिद्धाः संतर्पयन्ति यान् ।’
जिसका भाव है कि मैं स्वर्ग में स्थित उन पितरों को नमस्कार करता हूँ, जिन्हें सिद्धजन तृप्त करते हैं।
माना जाता है कि इन मंत्रों का पाठ करने से पितर अत्यंत प्रसन्न होते हैं और परिवार पर आने वाले संकट दूर होते हैं। घर में सुख-शांति और समृद्धि का वास होता है। इसलिए, इस मार्गशीर्ष अमावस्या पर पितरों का स्मरण कर, उनका तर्पण कर और इस स्तोत्र का पाठ कर आप भी उनका आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं।
