आम के पेड़ों को सर्दी से बचाएं: तनों पर चूना लगाने का सही समय
आम के बागान मालिकों के लिए अच्छी खबर है। पेड़ों से बंपर पैदावार लेने और उन्हें सर्दी की मार व विभिन्न कीटों तथा बीमारियों से बचाने के लिए तनों पर सफेद चूना लगाने का यह उपयुक्त समय है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह एक पारंपरिक कृषि तकनीक है जिसके कई फायदे हैं।
मोहनपुरा कृषि विज्ञान केंद्र के उद्यान वैज्ञानिक डॉ. अंकित सिंह भदौरिया के अनुसार, आम के पेड़ों के तनों पर अक्टूबर से नवंबर माह के बीच सफेद चूना लगाना सबसे अधिक लाभकारी होता है। इस अवधि में पेड़ की वृद्धि धीमी होती है, जिससे चूने का लेप अच्छी तरह टिका रहता है और अपना प्रभाव दिखाता है। उन्होंने बताया कि सर्दियों के मौसम में जब शुष्क हवाएं चलती हैं, तो तनों पर लगाया गया चूना पेड़ में नमी बनाए रखने में मदद करता है, जो पेड़ के विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
आम के पेड़ों पर सफेदी लगाने की यह विधि न केवल नमी संरक्षण के लिए बल्कि कीटों और फफूंद जनित रोगों से बचाव के लिए भी कारगर है। यह पेड़ के तने के तापमान को नियंत्रित रखने में सहायक होता है, जिससे अत्यधिक गर्मी या सर्दी से पेड़ को नुकसान नहीं पहुंचता। इसके अतिरिक्त, चूने से पेड़ को आवश्यक पोषक तत्व भी मिलते हैं, जो उसके समग्र स्वास्थ्य को बढ़ावा देते हैं। छाल में पड़ने वाली दरारों को ढककर यह पेड़ को बाहरी आघातों से बचाता है और उसे स्वस्थ रखने में मदद करता है।
बागान मालिकों को सलाह दी जाती है कि वे एक किलोग्राम बुझा हुआ चूना लें और उसमें 200 ग्राम कॉपर सल्फेट मिलाएं। इस मिश्रण को 10 लीटर पानी में अच्छी तरह घोलकर एक लेप तैयार करें। इस लेप को ब्रश या कूचे की सहायता से पेड़ के तने पर जमीन से लगभग चार से पांच फीट की ऊंचाई तक समान रूप से लगाएं। यह साधारण सी तकनीक आपके आम के पेड़ों को न केवल स्वस्थ रखेगी बल्कि अगले सीजन में बेहतर फल उत्पादन में भी सहायक सिद्ध होगी।
