Lucknow news: शकुंतला मिश्रा विवि में बोलती हैं किताबें, दिव्यांग छात्रों के लिए 3500+ ऑडियोबुक
लखनऊ में डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय ने एक अनूठी पहल की है। यहां के केंद्रीय पुस्तकालय में स्थापित टॉकिंग बुक स्टूडियो ने शिक्षा को समावेशी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब यहां किताबें केवल पढ़ी ही नहीं जातीं, बल्कि ऑडियोबुक के रूप में सुनी भी जाती हैं। यह सुविधा विशेष रूप से दिव्यांग और दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए ज्ञान तक पहुंच को आसान बना रही है।
इस स्टूडियो में वर्तमान में 3500 से अधिक ऑडियोबुक उपलब्ध हैं। इनमें उच्च शिक्षा के 54 पाठ्यक्रमों की पुस्तकें शामिल हैं, साथ ही कक्षा 6 से 12 तक की एनसीईआरटी की किताबें भी मौजूद हैं। साहित्य प्रेमियों के लिए मुंशी प्रेमचंद के उपन्यास ‘गोदान’, ‘निर्मला’, ‘रंगभूमि’ और ‘सेवा सदन’ के साथ-साथ ‘गुनाहों का देवता’ जैसे प्रसिद्ध उपन्यासों की ऑडियोबुक भी उपलब्ध हैं। इसके अलावा यूजीसी नेट, एसएससी और यूपी टीईटी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी सामग्री भी यहां मिलती है।
विश्वविद्यालय की यह सुविधा केवल उपलब्ध किताबों तक सीमित नहीं है। यदि किसी विद्यार्थी को किसी विशेष पुस्तक की आवश्यकता होती है, तो उसे विशेष सॉफ्टवेयर की मदद से ऑडियोबुक में परिवर्तित कर दिया जाता है। इससे विद्यार्थी सुनकर आसानी से विषय को समझ सकते हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि यह पहल दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए ज्ञान तक उनकी आसान पहुंच सुनिश्चित करती है। यह स्टूडियो शिक्षा को समावेशी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
