Lucknow News: डॉक्टर ने जवाब देने की डेडलाइन तोड़ी, स्वास्थ्य विभाग सख्त
आशियाना स्थित लोकबंधु राजनारायण अस्पताल में प्रसव के दौरान नवजात शिशु की मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की डॉ. चन्द्रकांता ने तीन दिन की मियाद बीतने के बाद भी स्वास्थ्य महानिदेशक द्वारा भेजे गए नोटिस का जवाब नहीं दिया है। इस पर महानिदेशक डॉ. पवन कुमार अरूण ने गहरी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने अस्पताल के कार्यवाहक निदेशक डॉ. राजेश कुमार को निर्देश दिया है कि डॉ. चन्द्रकांता को तत्काल दोबारा नोटिस जारी किया जाए।
यह घटना स्वास्थ्य विभाग के लिए शर्मिंदगी का कारण बनी है। महानिदेशक ने स्पष्ट किया कि इस संवेदनशील मामले की जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संबंधित डॉक्टर से शीघ्र जवाब प्राप्त कर जांच प्रक्रिया को पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि शासन को इस दर्दनाक घटना की विस्तृत जांच रिपोर्ट सौंपी जा सके। स्वास्थ्य विभाग यह सुनिश्चित करना चाहता है कि मामले के सभी तथ्यों को समयबद्ध तरीके से संकलित कर दोषियों का निर्धारण किया जाए। यदि डॉक्टर निर्धारित समय में जवाब प्रस्तुत नहीं करती हैं, तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
जांच निष्पक्ष और पारदर्शी होगी। किसी भी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आने पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। शासन भी इस मामले की लगातार निगरानी कर रहा है और रिपोर्ट मिलने के बाद आगे का निर्णय लिया जाएगा।
बता दें कि कीर्ति पाल नामक महिला को प्रसव पीड़ा के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि प्रसव के दौरान शिशु फर्श पर गिर गया था, जिससे सिर पर गंभीर चोट आई और उसकी मौत हो गई। परिजनों की मांग पर शिशु का पोस्टमार्टम कराया गया था। इस घटना ने स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
