लखनऊ: सीजी सिटी वेटलैंड का होगा कायाकल्प, पक्षियों और जलीय जीवों का बनेगा कैटलॉग
राजधानी लखनऊ के सीजी सिटी में स्थित वेटलैंड का अब कायाकल्प किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण पहल के तहत, वेटलैंड की बायो-डायवर्सिटी मैपिंग कराई जाएगी, जिससे यहां पाए जाने वाले पेड़-पौधों, पक्षियों, जलीय जीवों और अन्य जैविक प्रजातियों की पहचान कर उनका एक विस्तृत कैटलॉग तैयार किया जा सके। यह परियोजना शहर में इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने और विभिन्न प्रजातियों के पक्षियों के लिए एक सुरक्षित प्राकृतिक आवास सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
विशेषज्ञों की तैनाती और संरक्षण योजना
वेटलैंड के संरक्षण और प्रभावी प्रबंधन के लिए दो विशेषज्ञों की तैनाती की जाएगी। इन विशेषज्ञों की देखरेख में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, प्राकृतिक जल प्रवाह को बनाए रखना, जल शुद्धीकरण प्रक्रियाएं और समग्र पर्यावरण संतुलन जैसे महत्वपूर्ण कार्य नियमित रूप से किए जाएंगे। प्राधिकरण ने लगभग 37 एकड़ क्षेत्रफल में फैले इस वेटलैंड में किसी भी प्रकार के अतिक्रमण को रोकने के लिए एक ठोस कार्ययोजना तैयार की है, जिसमें पूरे क्षेत्र का सीमांकन (डिमार्केशन) शामिल है। राजस्व अभिलेखों के परीक्षण के बाद स्थल पर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
वर्तमान स्थिति और भविष्य की योजनाएं
सीजी सिटी में इकाना क्रिकेट स्टेडियम के पीछे विकसित यह वेटलैंड पहले से ही शहर में विभिन्न प्रजाति के स्वदेशी और विदेशी पक्षियों के लिए एक प्राकृतिक आवास के रूप में विकसित हो चुका है। वर्तमान में, प्रवासी पक्षियों ने भी यहां अपना डेरा डाला हुआ है। गोमती टास्क फोर्स और टर्टल सर्वाइवल एलायंस (टीएसए) की मदद से वेटलैंड में नियमित रूप से सफाई और जल गुणवत्ता की निगरानी जैसे कार्य किए जा रहे हैं। अब, विशेषज्ञों की नियुक्ति वन विभाग के माध्यम से कराई जाएगी और इस संबंध में वन विभाग के अधिकारियों से प्रस्ताव मांगा गया है।
