तुर्किये से लौटते वक्त लीबियाई सेना प्रमुख का विमान क्रैश, साजिश की अफवाहें तेज
तुर्किये की राजधानी अंकारा में उच्च स्तरीय रक्षा वार्ता के बाद लौट रहे लीबिया के सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल मोहम्मद अली अहमद अल-हद्दाद का निजी जेट मंगलवार रात दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस भयावह हादसे में जनरल अल-हद्दाद सहित कुल 8 लोगों की जान चली गई। मृतकों में चार अन्य वरिष्ठ लीबियाई सैन्य अधिकारी और तीन क्रू मेंबर शामिल हैं।
लीबिया के प्रधानमंत्री अब्दुल हामिद दिबेबा ने इस घटना को एक ‘दुखद दुर्घटना’ करार देते हुए तीन दिवसीय राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है। वहीं, तुर्किये के अधिकारियों ने प्रारंभिक जांच में विमान में तकनीकी खराबी को दुर्घटना का कारण बताया है। हालांकि, सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर साजिश के कयास लगाए जा रहे हैं, जिसमें अंकारा में हुई मीटिंग के बाद विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
तुर्किये के गृह मंत्री अली येरलिकाया और संचार निदेशक बुरहानेत्तिन दुरान ने पुष्टि की कि उड़ान से पहले विमान में इलेक्ट्रिकल फॉल्ट की रिपोर्ट आई थी। प्रारंभिक जांच में किसी भी प्रकार की तोड़फोड़ या सबोटाज की पुष्टि नहीं हुई है। इस मामले की जांच के लिए तुर्किये ने चार अभियोजकों की एक टीम गठित की है, जबकि लीबिया की जांच टीम भी अंकारा पहुंच चुकी है।
लीबियाई प्रतिनिधिमंडल अंकारा में सैन्य सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से आया था। जनरल अल-हद्दाद ने तुर्की के रक्षा मंत्री यासर गुलेर और अन्य शीर्ष सैन्य अधिकारियों से मुलाकात की थी। यह दौरा ऐसे समय में हुआ जब तुर्किये की संसद ने लीबिया में तुर्की सैनिकों की तैनाती को दो साल बढ़ाने की मंजूरी दी थी।
विमान, एक डसॉल्ट फाल्कन 50 बिजनेस जेट, अंकारा से उड़ान भरने के करीब 40 मिनट बाद पायलट ने इलेक्ट्रिकल फॉल्ट के कारण आपातकालीन लैंडिंग का अनुरोध किया था, जिसके बाद उसका संपर्क टूट गया। अंकारा से दक्षिण-पश्चिम में हयमाना जिले के पास विमान क्रैश हो गया। फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर बरामद कर लिए गए हैं, जिनका विश्लेषण एक तटस्थ देश में किया जाएगा।
हालांकि कुछ रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया पर मीटिंग में कथित विवाद या क्षेत्रीय साजिशों की बातें सामने आई हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय मीडिया और आधिकारिक बयानों में तकनीकी खराबी को ही मुख्य वजह बताया जा रहा है। तुर्किये के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि प्रारंभिक जांच में तोड़फोड़ का कोई सबूत नहीं मिला है। यह घटना लीबिया की जटिल राजनीतिक स्थिति और तुर्किये के बढ़ते प्रभाव के बीच हुई है, लेकिन फिलहाल इसे एक दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना के तौर पर देखा जा रहा है।
