लखनऊ में कोर्ट मैरिज रोकने पर वकीलों का बवाल, मां-बेटे को पीटा, अश्लीलता का आरोप
लखनऊ के वजीरगंज कोतवाली में वकीलों द्वारा मां-बेटे और बेटी को बंधक बनाकर पीटने का मामला सामने आया है। यह घटना तब हुई जब एक युवक अपनी छोटी बहन को कोर्ट मैरिज करने से रोकने के लिए सिविल कोर्ट पहुंचा था। आरोप है कि वकीलों ने न केवल युवक और उसकी मां को बेरहमी से पीटा, बल्कि बुजुर्ग मां पर कुर्सी से कई बार हमला भी किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश हो गईं।
पीड़ित युवक ने पुलिस को बताया कि वह अपनी मां, बड़ी बहन और एक दोस्त के साथ छोटी बहन से मिलने सिविल कोर्ट में वकील प्रशांत के चैंबर में पहुंचा था। छोटी बहन को कोर्ट मैरिज से समझाने की कोशिश पर वकील प्रशांत भड़क गया और उसने अपने साथियों के साथ मिलकर युवक और उसके दोस्त को पीटना शुरू कर दिया। विरोध करने पर उसकी मां पर कुर्सी से हमला किया गया।
इसके बाद, वकीलों ने युवक की बड़ी बहन और दोस्त को चैंबर में बंधक बना लिया और पीड़ित के सामने उसकी बहन से अश्लील हरकतें कीं। युवक का दोस्त किसी तरह बचकर पुलिस चौकी पहुंचा और घटना की सूचना दी। पुलिस के पहुंचने से पहले आरोपी वकील फरार हो गए। इस घटना ने आम जनता के बीच वकीलों के व्यवहार को लेकर चिंता पैदा की है।
संयुक्त पुलिस आयुक्त कानून एवं व्यवस्था बबलू कुमार ने जनता से अपील की है कि जमीन, मकान या प्लाट पर कब्जा करने वाले या मारपीट करने वाले अधिवक्ताओं के खिलाफ उनके कार्यालय में विशेष प्रकोष्ठ में शिकायत दर्ज कराएं। इसके लिए डालीगंज स्थित कार्यालय के कमरा नंबर 36 में एक विशेष प्रकोष्ठ बनाया गया है, जिसका प्रभारी दरोगा रामेश्वर तिवारी को बनाया गया है।
