लुटेरी दुल्हन के जाल में फंसे पुलिसकर्मी, बैंक खाते होंगे फ्रीज
कानपुर में एक ‘लुटेरी दुल्हन’ के मामले ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है। मामले की जांच के दौरान यह बात सामने आई है कि कुछ पुलिसकर्मियों ने न केवल इस दुल्हन को भागने में मदद की, बल्कि उसके गिरोह का हिस्सा भी थे। इस खुलासे के बाद पुलिस ने ऐसे मददगार पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का निर्णय लिया है। उनके बैंक खातों को फ्रीज किया जाएगा और गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जा सकती है।
सूत्रों के अनुसार, यह मामला मूल रूप से बुलंदशहर निवासी एक दारोगा आदित्य कुमार लोचव से जुड़ा है, जिनकी शादी मेरठ की दिव्यांशी चौधरी से हुई थी। शादी के कुछ समय बाद, दिव्यांशी ने पुलिस आयुक्त कार्यालय में हंगामा खड़ा कर दिया और अपने पति पर ब्लैकमेलिंग का आरोप लगाया। वहीं, दारोगा आदित्य ने दिव्यांशी पर अपने यूपीआई के माध्यम से करीब आठ करोड़ रुपये के ट्रांजेक्शन करने का आरोप लगाया।
पीड़ित दारोगा की शिकायत पर जांच शुरू हुई। जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। पता चला कि दिव्यांशी का एक बड़ा गिरोह है, जिसमें कई पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। इस गिरोह में मेरठ के एक सेवानिवृत्त सीओ, एक इंस्पेक्टर, दो दारोगा (जिनमें एक दिव्यांशी का पूर्व पति भी शामिल है) और कई अन्य पुलिसकर्मी व आम नागरिक शामिल हैं। यह गिरोह युवतियों को जाल में फंसाकर ब्लैकमेल करता था और मोटी रकम ऐंठता था।
पुलिस ने हाल ही में दिव्यांशी को शिवाला बाजार से गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद, सेवानिवृत्त सीओ ने पैरवी के लिए पुलिस आयुक्त कार्यालय पहुंचने की कोशिश की, लेकिन उन्हें वहां से भगा दिया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिन पुलिसकर्मियों के नाम इस मामले में सामने आ रहे हैं, उनकी गहन जांच की जा रही है। ऐसे सभी अधिकारियों के बैंक खातों को फ्रीज करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। इसके बाद, इस पूरे षड्यंत्र और गिरोहबंदी में शामिल लोगों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है और उन्हें जल्द ही गिरफ्तार करने की उम्मीद है।
