अल-फलाह यूनिवर्सिटी में सुरक्षा में सेंध: आतंकियों के लिए खुले रास्ते की आशंका
फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सूत्रों के अनुसार, वर्ष 2021 तक यूनिवर्सिटी के प्रवेश द्वार और परिसर में सुरक्षा की जिम्मेदारी एक एक्स-सर्विसमैन सुरक्षा एजेंसी के पास थी। यह व्यवस्था नियमों के अनुसार टेंडर प्रक्रिया के तहत संचालित होती थी और सुरक्षाकर्मियों के कामकाज पर कोई शिकायत नहीं थी।
हालांकि, 2022 की शुरुआत में यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने अचानक इस एजेंसी को हटा दिया और अपने स्तर पर एक खास वर्ग से जुड़े लोगों को सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात करना शुरू कर दिया। सूत्रों का दावा है कि यह बदलाव डॉ. मुजम्मिल के बढ़ते प्रभाव के चलते हुआ। उनके हस्तक्षेप के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने एक्स-सर्विसमैन एजेंसी को हटाकर अपनी पसंद के लोगों को सुरक्षा में शामिल किया।
आशंका जताई जा रही है कि इस बदलाव का उद्देश्य कथित तौर पर सफेदपोश आतंकियों के लिए यूनिवर्सिटी में आवागमन को आसान बनाना था, ताकि उनकी संदिग्ध गतिविधियों और संभावित साजिशों का पता न चल सके। यह व्यवस्था यूनिवर्सिटी की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा साबित हो सकती है।
इस बीच, जांच एजेंसियों ने कार्रवाई करते हुए डॉ. मुजम्मिल के कमरे के पास से एक पेन ड्राइव और एक बैग बरामद किया है। दोनों वस्तुओं को तत्काल कब्जे में लेकर आगे की जांच के लिए भेज दिया गया है। अधिकारियों का मानना है कि इन वस्तुओं में यूनिवर्सिटी के भीतर चल रही संदिग्ध गतिविधियों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी हो सकती है, जिसकी विस्तृत पड़ताल की जा रही है।
जांच एजेंसियां इस मामले को अत्यंत गंभीरता से ले रही हैं। सुरक्षा व्यवस्था में किए गए बदलावों और संदिग्ध व्यक्तियों को विशेष तरजीह दिए जाने के तथ्यों की गहन जांच की जा रही है। मामले से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल के बाद आवश्यकतानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह घटना यूनिवर्सिटी परिसर की सुरक्षा और वहां होने वाली गतिविधियों पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है।
