लखनऊ-दिल्ली हाईवे बना मौत का हाईवे, 45 अवैध कट दे रहे हादसों को दावत
लखनऊ-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग NH-24 पर सफर करना अब जानलेवा साबित हो रहा है। शाहजहांपुर के कटरा से गुर्री तक, लोगों ने अपनी सुविधा के लिए राजमार्ग पर 45 से अधिक अवैध कट बना लिए हैं, जो कभी भी किसी के लिए मौत का सबब बन सकते हैं। इन अवैध कटों को बंद कराने में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण पूरी तरह से नाकाम साबित हो रहा है।nnतिलहर क्षेत्र में वाहनों की गति नियंत्रित करने के नाम पर नगरिया मोड़ के पास मनमाने ढंग से ब्रेकर बना दिए गए हैं। इन ब्रेकरों पर न तो रिफ्लेक्टर पट्टियां हैं और न ही लाइटें, जिस कारण ये रात के अंधेरे में या कोहरे में दिखाई नहीं देते। इससे वाहन चालक अचानक ब्रेकर आने पर अनियंत्रित होकर दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। हाल ही में, ऐसे ही ब्रेकरों के कारण मथुरा से आ रही एक बस अनियंत्रित होकर डिवाइडर पर पलट गई, जिसमें सात लोग घायल हो गए।nnअधिकारियों की अनदेखी का आलम यह है कि जब पड़ताल की गई तो बरेली मोड़ के पास नैनीताल ढाबा और ओवरब्रिज के बीच मात्र 50 मीटर के दायरे में दो अवैध कट मिले। इन कटों पर दोपहिया वाहनों से लेकर ट्रैक्टर-ट्रॉली और ऑटो धड़ल्ले से सड़क पार करते देखे गए। चांदापुर की ओर जाने वाले मोड़ पर कट बंद करने के नाम पर सिर्फ एक तिरछा बोल्डर लगा दिया गया, जिससे वाहन आसानी से निकल जाते हैं। इस अव्यवस्था के कारण बरेली की ओर जाने वाले वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है और कई बार वे टकराने से बाल-बाल बचते हैं।nnइस मार्ग पर हो रही दुर्घटनाओं के कई उदाहरण सामने हैं। जलालाबाद में फाइनेंस कंपनी में काम करने वाले आकाशदीप वर्मा की 29 नवंबर को जमुका ओवरब्रिज के पास एक अवैध कट पर गलत दिशा से आ रहे कंटेनर की चपेट में आने से मौत हो गई थी, जबकि उनकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गईं। इसी तरह, पांच नवंबर को भी इसी कट के पास एक अन्य सड़क हादसा हुआ था।nnपिछले वर्ष मीरानपुर कटरा में हुलासनगरा ओवरब्रिज के पास एक अवैध कट से निकल रहे टैंकर ने बाइक सवारों को टक्कर मार दी थी, जिसमें तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी। इस हादसे के बाद उस कट को बंद कराया गया था, लेकिन अब भी मीरानपुर कटरा क्षेत्र में कई अन्य अवैध कटों को बंद कराने के लिए किसी और बड़े हादसे का इंतजार किया जा रहा है।nnसर्दियों के आगमन और कोहरे के बढ़ने के साथ, इन अवैध कटों और मनमाने ब्रेकरों से होने वाले हादसों का खतरा और भी बढ़ जाएगा। पुलिस और परिवहन विभाग की निष्क्रियता भी स्थिति को गंभीर बना रही है। राहगीर इन जानलेवा कटों और ब्रेकरों से परेशान हैं, लेकिन अधिकारियों के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है।”
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