Kashmiri Gate से अपहृत बच्ची बरामद, Nepal में बेचने की थी साजिश; Delhi Police ने किया खुलासा
दिल्ली पुलिस ने कश्मीरी गेट इलाके से 3 साल की बच्ची के अपहरण के मामले को सुलझाते हुए 5 दिन के भीतर बच्ची को सकुशल बरामद कर लिया है। पुलिस ने इस मामले में 3 वयस्कों और 2 नाबालिगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने पूछताछ में खुलासा किया कि वे बच्ची को नेपाल ले जाकर बेचने की योजना बना रहे थे। यह घटना 12 जनवरी को हुई थी, जब बच्ची अपने पिता की दुकान के बाहर से लापता हो गई थी।
लापता बच्ची की तलाश और पुलिस की कार्रवाई
उत्तरी जिला पुलिस को 12 जनवरी को बच्ची के अपहरण की सूचना मिली थी। बच्ची के पिता मुजफ्फर अली ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी बेटी कश्मीरी गेट स्थित मिनर्वा सिनेमा रोड पर दुकान के पास से लापता हो गई। चूंकि बच्ची की मां का निधन हो चुका था, इसलिए पिता उसे अपने साथ काम पर लाते थे। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच शुरू में ही अपहरण का मामला दर्ज कर लिया।
जांच के दौरान, पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के लगभग 400 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। फुटेज में पता चला कि एक 7 साल की नाबालिग लड़की बच्ची को पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन की ओर ले गई थी। रेलवे स्टेशन पर फुटेज की जांच से पता चला कि बच्ची को वहां मौजूद कुछ लोगों को सौंप दिया गया था, जिसके बाद अपहरणकर्ता परिवार भीड़ में गायब हो गया।
100 पुलिसकर्मियों की टीम और नेपाल बेचने की साजिश
पुलिस ने बच्ची की तलाश के लिए 100 पुलिसकर्मियों की कई टीमें बनाईं। टीमों ने पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन के साथ-साथ सब्जी मंडी, शाहदरा और साहिबाबाद जैसे आसपास के रेलवे स्टेशनों पर भी सघन तलाशी अभियान चलाया। पुलिस को एक सुराग मिला, जिसमें अपहर्ता परिवार एक ई-रिक्शा में पुराना आयरन ब्रिज की तरफ से आता हुआ दिखाई दिया। पुलिस ने इस सुराग का पीछा करते हुए लगभग 12 किलोमीटर तक ट्रैक किया और वेलकम इलाके में पहुंची।
लगातार प्रयासों के बाद, पुलिस टीम ने 17 जनवरी को हनुमान मंदिर, यमुना बाजार के पास से बच्ची को बरामद कर लिया। बच्ची को भीख मांगने वाले एक परिवार की हिरासत से छुड़ाया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नजीमा, उसके पति अनीस और शमशाद आलम के रूप में हुई है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने बच्ची को नेपाल में बेचने की योजना बनाई थी।
