खरपतवार नाशक दवा ने उजाड़ी आठ बीघा गेहूं की फसल, किसान परेशान
चौमुंहा। क्षेत्र के गांव पसौली निवासी किसान गोपाल पुत्र रघुवीर की आठ बीघा गेहूं की फसल खरपतवार नाशक दवा के छिड़काव के कारण पूरी तरह से नष्ट हो गई। किसान ने स्थानीय कस्बे की एक एजेंसी से गेहूं की फसल में उग आए सरसों और बथुआ जैसे खरपतवारों को खत्म करने के लिए दवा खरीदी थी। दुकानदार द्वारा बताई गई मात्रा के अनुसार किसान ने मशीन से दवा का छिड़काव किया, लेकिन दो दिन बाद ही फसल जलने लगी।
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पीड़ित किसान गोपाल ने बताया कि दवा के छिड़काव के बाद गेहूं की फसल बुरी तरह झुलस गई और पूरी तरह नष्ट हो गई। उसने तुरंत दुकानदार से संपर्क किया, जिसने मामले को दवा सप्लायर पर टाल दिया। कई दिनों से किसान दुकान के चक्कर काट रहा है, लेकिन न तो दुकानदार और न ही कंपनी का कोई प्रतिनिधि मौके पर पहुंचकर समस्या का समाधान करने आया है।
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किसान ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस घटना से उसे लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। उसने यह भी बताया कि कस्बे में कृषि दवाओं की दर्जनों दुकानें खुल गई हैं, जिनमें से अधिकांश पर काम करने वाले विक्रेताओं के पास न तो कृषि की डिग्री है और न ही आवश्यक लाइसेंस। यह स्थिति किसानों के लिए खतरनाक साबित हो रही है।
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गोपाल ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस मामले का कोई समाधान नहीं निकला और उसे उचित मुआवजा नहीं मिला, तो वह इसकी शिकायत कृषि रक्षा अधिकारी और मुख्यमंत्री पोर्टल पर करेगा। यह घटना क्षेत्र में कृषि दवा विक्रेताओं की लापरवाही और बिना लाइसेंस के दवाओं की बिक्री की ओर इशारा करती है, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।
