अखिलेश यादव का भाजपा पर तीखा प्रहार, ‘भाजपाई’ को बताया अहंकारी और निर्दयी
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए ‘भाजपाई’ शब्द को दंभी, अहंकारी और निर्दयी करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) अभियान के दौरान बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) की जान जा रही है, लेकिन भाजपा सरकार न तो शोक व्यक्त कर रही है और न ही कोई जिम्मेदारी ले रही है। इसके विपरीत, जिन अधिकारियों की काम के दबाव में मौत हो रही है, सरकार उन्हीं पर कामचोरी का आरोप लगा रही है।
सपा प्रमुख ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘सत्ता के अहंकार में भाजपा सरकार ये मानकर चल रही है कि काम के दबाव में किसी की मृत्यु होने पर भी न तो हम अपनी व्यवस्था सुधारेंगे, न ही कोई मुआवजा देंगे।’ उन्होंने कहा कि भाजपा के कट्टर समर्थक भी इस रवैये से शर्मिंदा हैं और जनाक्रोश के डर से मृतकों के परिवारों तक जाने से कतरा रहे हैं। उनके सामाजिक संबंधों में दरार आ गई है। उन्होंने कहा कि ‘भाजपाई’ होना अब नकारात्मक रूप से उन लोगों के लिए इस्तेमाल किया जाने लगा है जो दंभी, अहंकारी, निर्दयी हैं और दूसरों के दुख से सुख पाते हैं।
एक अन्य पोस्ट में, अखिलेश यादव ने मतदाता सूची से नाम काटे जाने को एक बड़ी साजिश बताया। उन्होंने कहा, ‘आज वोट काटा जा रहा है, कल को खेत, ज़मीन, मकान, राशन, जाति, आरक्षण से नाम काटा जाएगा। यह देशवासियों के खिलाफ एक बहुत बड़ी साजिश है।’ उन्होंने सभी विपक्षी दलों और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सहयोगी दलों से एकजुट होकर भाजपा के इस ‘महाषड्यंत्र’ का पर्दाफाश करने की अपील की। उन्होंने चेतावनी दी कि जो दल खुद को भाजपा का सहयोगी मान रहे हैं, भाजपा सबसे पहले उन्हीं का ख़ात्मा करेगी। उन्होंने सभी देशवासियों से एसआइआर की धांधली रोकने का आग्रह किया।
इस बीच, सपा ने निर्वाचन आयोग से राजनीतिक दलों को जिलावार, विधानसभा क्षेत्रवार और मतदेय स्थल वार मतदाताओं को बांटे गए और वापस लिए गए गणना प्रपत्रों की श्रेणीवार जानकारी उपलब्ध कराने की मांग की है। सपा प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को भेजे ज्ञापन में आजमगढ़, अलीगढ़, फतेहपुर और सिद्धार्थनगर जैसे जिलों में एसआइआर अभियान में अनियमितताओं का आरोप लगाया है। ज्ञापन में कहा गया है कि कहीं गणना प्रपत्र आधे-अधूरे बांटे गए, कहीं सबमिट करने पर दूसरे बूथ के मतदाताओं का विवरण दिख रहा है, कहीं बीएलओ मतदाताओं तक नहीं पहुंच रहे, और कहीं वर्ष 2003 की मतदाता सूची भी उपलब्ध नहीं है। सपा ने इन सभी मामलों में तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
