0

कुलपति की पहल: विवि कर्मचारी शमीम बानो का जरदोजी हुनर बना प्रेरणा स्रोत

By Nov 12, 2025

आगरा। डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के गृह विज्ञान संस्थान में इन दिनों जरदोजी कढ़ाई की एक अनूठी कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है, जिसने एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के छिपे हुनर को नई पहचान दी है। विश्वविद्यालय की कर्मचारी शमीम बानो, जो कुलपति सचिवालय में कार्यरत हैं, इस सात दिवसीय कार्यशाला में छात्राओं को जरदोजी की पारंपरिक कला का प्रशिक्षण दे रही हैं। उनका यह प्रयास न केवल कला को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि कई छात्राओं के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बन रहा है।

कुलपति प्रो. आशु रानी ने बताया कि शमीम बानो 2011 से विश्वविद्यालय में सेवा दे रही हैं और उनके हाथों में जरदोजी का अद्भुत हुनर है। आर्थिक रूप से सीमित परिस्थितियों के बावजूद, शमीम बानो ने इस पारंपरिक कला को अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाया और उसे जीवित रखा। प्रो. आशु रानी ने ऐसे प्रतिभाशाली व्यक्तियों के हुनर को समाज के समक्ष लाने और उन्हें एक उचित मंच प्रदान करने का निर्णय लिया। इसी सोच के तहत महिला अध्ययन केंद्र में इस कार्यशाला का आयोजन करवाया गया है।

इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक छात्राओं और महिलाओं को जरदोजी जैसी पारंपरिक कला से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। कुलपति का मानना है कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों से महिलाएं स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ सकती हैं और आर्थिक रूप से सशक्त बन सकती हैं। यह पहल न केवल कला संरक्षण को बढ़ावा देती है, बल्कि जमीनी स्तर पर महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है।

कार्यशाला के दूसरे दिन, शमीम बानो ने प्रतिभागियों को चौपेल और मोती की सहायता से जरदोजी कढ़ाई के सुंदर डिज़ाइन बनाना सिखाया। उनकी सादगी, धैर्य और अपनी कला के प्रति अटूट समर्पण ने सभी छात्राओं का मन मोह लिया। छात्राएं बड़े उत्साह के साथ इस बारीक और खूबसूरत कला को सीख रही हैं, और शमीम बानो के मार्गदर्शन से वे इस कला की बारीकियों को आसानी से समझ पा रही हैं।

प्रो. आशु रानी का यह मानवीय प्रयास केवल शमीम बानो जैसी प्रतिभाशाली महिलाओं को सम्मान नहीं दे रहा, बल्कि यह विश्वविद्यालय परिसर में समानता, संवेदना और सशक्तिकरण की एक नई मिसाल भी कायम कर रहा है। यह दर्शाता है कि हुनर किसी पद या परिस्थिति का मोहताज नहीं होता, और सही मंच मिलने पर वह समाज को नई दिशा दे सकता है। यह कार्यशाला शिक्षा के साथ-साथ व्यावहारिक कौशल विकास की दिशा में विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करती है।

About

Journalist covering latest updates.

अगली खबरें

दिल्ली धमाके के बाद आगरा हाई अलर्ट पर: पार्किंग से हटाईं लंबे समय से खड़ीं गाड़ियां

दिल्ली में लाल किला के पास हुए कार ब्लास्ट के बाद आगरा में सुरक्षा व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से बढ़ा दिया गया है। सोमवार रात से ही रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंडों और अन्य संवेदनशील स्थानों...
By Amit Sagar Nov 12, 2025

साझा करें