कर्नाटक कांग्रेस में शक्ति प्रदर्शन: सीएम और डिप्टी सीएम के बीच सुलह की कोशिशें जारी
कर्नाटक कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर चल रही अटकलों के बीच, उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को अपने आवास पर नाश्ते के लिए आमंत्रित कर एक बार फिर राजनीतिक पारा चढ़ा दिया है। यह मुलाकात दोनों नेताओं के बीच सुलह की दूसरी कोशिश मानी जा रही है। कयास लगाए जा रहे हैं कि इस बैठक में राज्य मंत्रिमंडल में फेरबदल और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।
शिवकुमार ने मीडिया से बातचीत में आंतरिक कलह की खबरों को खारिज करते हुए कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री के साथ कई मुद्दों पर चर्चा करनी है, जिसमें दिल्ली में एक सर्वदलीय बैठक का आयोजन भी शामिल है। वहीं, भाजपा ने सत्ताधारी दल की आंतरिक कलह पर सवाल उठाते हुए सरकार की जिम्मेदारी पर प्रश्नचिह्न लगाया है। भाजपा विधायक एस. सुरेश कुमार ने कहा कि विधानसभा के आगामी शीतकालीन सत्र से पहले सरकार अभी भी आंतरिक संघर्ष में उलझी हुई है और एक सत्तारूढ़ दल के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाने में विफल रही है।
सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस विधायक अजय सिंह ने संकेत दिया है कि राज्य मंत्रिमंडल में फेरबदल का निर्णय 19 दिसंबर के बाद लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि पार्टी के शीर्ष नेता, जिनमें सोनिया गांधी, राहुल गांधी और राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे शामिल हैं, शीतकालीन सत्र समाप्त होने के बाद पुनर्गठन और सत्ता-साझाकरण वार्ता पर अंतिम निर्णय लेंगे। कर्नाटक विधानसभा का शीतकालीन सत्र बेलगावी में 19 दिसंबर को समाप्त हो रहा है। सिंह की यह टिप्पणी सिद्धारमैया के नेतृत्व वाली सरकार में संभावित कैबिनेट फेरबदल की अटकलों के बीच आई है।
इस बीच, उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के भाई डी.के. सुरेश ने भी नेतृत्व के एजेंडे और मकेदातु मुद्दे को लेकर कुछ दावे किए हैं, जो राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बने हुए हैं। यह सारी कवायद आगामी चुनावों को देखते हुए पार्टी में एकजुटता बनाए रखने और जनता के बीच सकारात्मक संदेश देने के प्रयास के रूप में देखी जा रही है।
