कोहरे का कहर: दिल्ली में लापरवाही से 1056 मौतें, सड़कें बनीं जानलेवा
राजधानी दिल्ली में बढ़ते कोहरे ने सड़क सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती पेश कर दी है। कम दृश्यता के इस मौसम में वाहन चालकों की लापरवाही और यातायात नियमों की अनदेखी मौत का पर्याय बन रही है। दिल्ली यातायात पुलिस के अनुसार, इस वर्ष अब तक हुए सड़क हादसों में 1056 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है, जबकि 3705 लोग घायल हुए हैं। यह आंकड़ा राजधानी में यातायात नियमों के प्रति वाहन चालकों की गंभीर लापरवाही को दर्शाता है।
सूत्रों के अनुसार, कोहरे में होने वाले अधिकांश हादसे मानवीय त्रुटियों के कारण होते हैं। कम दृश्यता के बावजूद तेज गति से वाहन चलाना इसका एक प्रमुख कारण है। तेज रफ्तार में अचानक सामने आने वाले अवरोधों पर नियंत्रण पाना बेहद मुश्किल हो जाता है, जिससे गंभीर दुर्घटनाएं होती हैं। इसके अलावा, आगे चल रहे वाहन से पर्याप्त दूरी न बनाए रखना भी हादसों को न्योता देता है।
यातायात पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि कोहरे के दौरान हाई-बीम का गलत इस्तेमाल भी एक बड़ा कारण है। कोहरे में हाई-बीम जलाने से सामने वाले चालक की दृश्यता और भी कम हो जाती है, जिससे वह सड़क का सही अनुमान नहीं लगा पाता। वहीं, कई चालक फॉग लाइट या इंडिकेटर का उपयोग नहीं करते, जिससे पीछे से आ रहे वाहन चालकों को आगे चल रहे वाहन की स्थिति का पता नहीं चल पाता। कुछ वाहनों में बैक लाइट या रिफ्लेक्टर का न होना या खराब होना भी दुर्घटनाओं को बढ़ाता है।
कोहरे में मोबाइल पर बात करना, मैसेज भेजना, सोशल मीडिया देखना या नेविगेशन पर ध्यान केंद्रित करना अत्यंत खतरनाक साबित हो रहा है। अचानक लेन बदलना या ओवरटेक करने की कोशिश भी जानलेवा साबित हो रही है। इसके अतिरिक्त, वाहन की तकनीकी खामियां जैसे ब्रेक, इंडिकेटर, वाइपर, या डिफागिंग सिस्टम का खराब होना कोहरे में ड्राइविंग को और जोखिम भरा बना देता है। सड़क पर लगे चेतावनी संकेत, स्पीड लिमिट बोर्ड और डायवर्जन को नजरअंदाज करना भी दुर्घटनाओं को आमंत्रित करता है। हाईवे पर बेवजह रुकना भी तेज रफ्तार वाहनों के बीच एक बड़ा खतरा उत्पन्न करता है।
बढ़ते सड़क हादसों और यातायात अव्यवस्था को देखते हुए, यातायात पुलिस लगातार सड़क सुरक्षा अभियान चला रही है। इन अभियानों का मुख्य उद्देश्य हादसों में कमी लाना, नियम उल्लंघन पर अंकुश लगाना और लोगों को सुरक्षित ड्राइविंग के प्रति जागरूक करना है। पुलिस विशेषकर कोहरे और प्रदूषण के दौरान सघन चेकिंग कर रही है। तेज रफ्तार, ओवरलोडिंग, गलत लेन में चलना, शराब पीकर ड्राइविंग, बिना हेलमेट और बिना सीट बेल्ट जैसे उल्लंघनों पर प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। शहर के प्रमुख चौराहों, हाईवे और ब्लैक स्पाट्स पर गश्त और तैनाती बढ़ा दी गई है ताकि वाहन चालकों को सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित की जा सके।
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