किशोरी पर बंदरों के झुंड का हमला, छत से गिरकर दर्दनाक मौत
बुलंदशहर में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां घर की छत पर कपड़े सुखा रही एक 15 वर्षीय किशोरी की बंदरों के झुंड के हमले के बाद गिरने से मौत हो गई। यह घटना रविवार दोपहर की है, जब चित्रा नामक किशोरी अपने घर की तीसरी मंजिल की छत पर कपड़े फैला रही थी।
अचानक बंदरों के एक झुंड ने उस पर हमला बोल दिया। हमलावरों से बचने के लिए भागने के प्रयास में, घबराई हुई चित्रा लगभग 30 फीट ऊंची छत से नीचे सड़क पर आ गिरी। इस भयावह घटना के कारण वह गंभीर रूप से घायल हो गई।
तत्काल, परिवार वालों ने उसे स्थानीय अस्पताल पहुंचाया। शुरुआती उपचार के बाद, उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे उच्च उपचार के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। हालांकि, बुलंदशहर पहुंचते ही डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
सूत्रों के अनुसार, चित्रा एक किराना व्यवसायी राकेश मित्तल की भतीजी थी और वह कक्षा नौ की छात्रा थी। उसके पिता गिरीश मित्तल की पांच वर्ष पूर्व एक सड़क दुर्घटना में दुखद मृत्यु हो गई थी। इस घटना ने परिवार को गहरा सदमा पहुंचाया है और पूरे मोहल्ले में मातम का माहौल है।
यह घटना शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में बंदरों के बढ़ते उत्पात और उससे होने वाली घटनाओं को एक बार फिर उजागर करती है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से इस समस्या के समाधान की गुहार लगाई है ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाएं न हों।
