कासगंज में टीबी का बढ़ता प्रकोप, 4466 नए मामले सामने आने से स्वास्थ्य विभाग अलर्ट
कासगंज जिले में क्षयरोग (टीबी) के मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि चिंता का विषय बनी हुई है। इस वर्ष नवंबर माह तक 4466 नए टीबी रोगी चिन्हित किए जा चुके हैं, जबकि मरीजों के मिलने का सिलसिला अभी भी जारी है। कुल नए मरीजों में 2289 पुरुष और 1651 महिला रोगी शामिल हैं। जिले में सबसे अधिक मरीज सहावर ब्लॉक से सामने आए हैं, जहां 413 लोग टीबी से पीड़ित पाए गए हैं। इनमें 245 पुरुष और 192 महिलाएं हैं। वहीं, सिढ़पुरा ब्लॉक में सबसे कम 250 मरीज मिले हैं, जिनमें 175 पुरुष और 105 महिलाएं हैं। विभिन्न अस्पतालों के माध्यम से जिला क्षय रोग अस्पताल में पहुंचे मरीजों की संख्या 1731 है, जिनमें 969 पुरुष और 811 महिलाएं शामिल हैं।
स्वास्थ्य विभाग वर्ष 2025 तक देश से टीबी को पूरी तरह समाप्त करने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य पर काम कर रहा है। इसी दिशा में ‘टीबी रोगी खोजो’ अभियान पूरे जिले में चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत स्वास्थ्य कर्मी घर-घर जाकर संभावित टीबी रोगियों की पहचान कर रहे हैं और उनकी जांच सुनिश्चित कर रहे हैं। पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष मरीजों की संख्या में कमी आने की उम्मीद थी, लेकिन यह उम्मीद पूरी नहीं हुई।
जिला क्षय रोग अधिकारी के अनुसार, भारत सरकार तपेदिक उन्मूलन के लिए गंभीर प्रयास कर रही है, जिसके तहत ये अभियान चलाए जा रहे हैं। टीबी से पीड़ित पाए जाने वाले मरीजों को न केवल आवश्यक दवाइयां दी जा रही हैं, बल्कि उपचार के दौरान सरकार द्वारा प्रतिमाह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता भी प्रदान की जा रही है। टीबी के मरीजों को उपचार के दो चरणों में विभाजित किया गया है – गहन चरण और सतत चरण। सामान्य टीबी के मरीजों को गहन चरण में रखा जाता है, जिनका छह महीने में उपचार पूरा हो जाता है। गंभीर मामलों, जैसे कि रीढ़ की हड्डी या मस्तिष्क में टीबी, को सतत चरण में रखा जाता है, जिनका उपचार दो वर्ष तक चलता है।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने मरीजों से चिकित्सक के परामर्श के बिना दवा न छोड़ने की अपील की है, क्योंकि कई मरीज बीच में ही उपचार छोड़ देते हैं, जो स्थिति को जटिल बना सकता है। टीबी के सामान्य लक्षणों में लगातार खांसी (दो सप्ताह से अधिक), सीने में दर्द, बुखार, रात में पसीना आना और अनजाने में वजन कम होना शामिल हैं। फेफड़ों के बाहर होने वाली टीबी के लक्षण सूजी हुई लिम्फ नोड्स, शरीर में दर्द और जोड़ों में सूजन हो सकते हैं। मस्तिष्क टीबी के लक्षणों में सिरदर्द, भ्रम, दौरे और गर्दन में अकड़न शामिल हैं, जबकि रीढ़ की हड्डी में टीबी के मुख्य लक्षण पीठ दर्द हैं।
