कैंपा कोला डीलरशिप के नाम पर व्यापारी से 23 लाख की ठगी, पुलिस जांच शुरू
रुद्रपुर में कैंपा कोला की डिस्ट्रीब्यूटरशिप दिलाने के नाम पर एक व्यापारी से साइबर ठगों ने 23 लाख रुपये से अधिक की धोखाधड़ी को अंजाम दिया है। खुद को रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड का अधिकारी बताकर ठगों ने व्यापारी को झांसे में लिया और अलग-अलग शुल्कों के नाम पर लाखों रुपये अपने खातों में ट्रांसफर करवा लिए। पीड़ित की शिकायत पर साइबर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
लालपुर स्थित आइडिया कॉलोनी के निवासी व्यापारी ने अपनी शिकायत में बताया कि उन्हें कैंपा कोला की डिस्ट्रीब्यूटरशिप चाहिए थी। इसके लिए उन्होंने कुछ समय पहले गूगल पर ऑनलाइन सर्च किया, जहां उन्हें संपर्क करने के लिए एक मोबाइल नंबर मिला। संपर्क करने पर ठगों ने व्हाट्सऐप पर डिस्ट्रीब्यूटरशिप से संबंधित फॉर्म, नियम और शर्तें, प्रोडक्ट लिस्ट और एक ऑडियो क्लिप भेजकर लोकेशन भेजने को कहा।
इसके बाद 31 अक्टूबर को उन्हें अप्रूवल फॉर्म भेजा गया और रजिस्ट्रेशन के लिए 82,010 रुपये राम कुमार नामक व्यक्ति के केनरा बैंक खाते में ट्रांसफर करने को कहा गया। व्यापारी ने यह रकम जमा कर दी। बाद में उन्हें देहरादून में मिलने के लिए बुलाया गया, जहां उनसे सिक्योरिटी फीस के तौर पर 4.60 लाख रुपये और एग्रीमेंट फीस के लिए 80 हजार रुपये और जमा करने को कहा गया। व्यापारी ने यह राशि भी उनके बताए खाते में ट्रांसफर कर दी।
ठग यहीं नहीं रुके। 11 नवंबर को उनसे स्टॉक के लिए जीएसटी सहित 9.44 लाख रुपये आरटीजीएस के माध्यम से ट्रांसफर करवाए गए। उसी दिन व्यापारी को बताया गया कि उनका ट्रक मुंबई से देहरादून के लिए निकल चुका है। लेकिन 14-15 नवंबर तक भी ट्रक देहरादून नहीं पहुंचा। जब व्यापारी ने संपर्क करने की कोशिश की, तो ठग अलग-अलग बहाने बनाकर टालमटोल करते रहे। 14 नवंबर को व्हाट्सऐप पर महेश नामक व्यक्ति का फोन आया, जिसने व्यापारी और गोदाम व मार्केटिंग के चार लोगों के इंश्योरेंस के नाम पर 6,18,940 रुपये रामकुमार के इंडियन ओवरसीज बैंक खाते में ट्रांसफर करने को कहा। व्यापारी ने 17 नवंबर को यह राशि भी ट्रांसफर कर दी।
बाद में ठगों ने एक एनओसी भेजी, जिसमें कहा गया था कि 2,50,501 रुपये राम कुमार के खाते में ट्रांसफर कर दें, जो अगले दिन वापस हो जाएंगे। व्यापारी ने यह रकम भी ट्रांसफर कर दी, लेकिन उनके खाते में केवल 2,500 रुपये ही वापस आए। इस पर उन्हें धोखाधड़ी का एहसास हुआ। पीड़ित ने तुरंत साइबर थाना पुलिस से संपर्क कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई और अपने ठगे गए 23,55,451 रुपये की बरामदगी की मांग की है। साइबर थाना प्रभारी अरुण कुमार ने बताया कि अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ प्राथमिकी पंजीकृत कर ली गई है और मामले की गहनता से जांच की जा रही है, जिसके बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
