एक डिग्री पर दो जिलों में चल रहे छह अल्ट्रासाउंड सेंटर, स्वास्थ्य विभाग ने जारी किए नोटिस
उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित अल्ट्रासाउंड सेंटरों की जांच में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। प्रदेश के विभिन्न जिलों में ऐसे कई अल्ट्रासाउंड सेंटर पाए गए हैं, जहाँ एक ही मेडिकल डिग्री का उपयोग दो अलग-अलग जिलों में स्थित छह अल्ट्रासाउंड सेंटरों के संचालन के लिए किया जा रहा था। यह खुलासा स्वास्थ्य विभाग की सख्ती के बाद हुई जांच के दौरान हुआ है, जिसने नियमों की अनदेखी करने वालों पर कार्रवाई की शुरुआत की है।nnइस फर्जीवाड़े में शामिल सेंटरों के संचालकों और संबंधित चिकित्सकों को मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय द्वारा नोटिस जारी किया गया है। उनसे यह स्पष्टीकरण मांगा गया है कि वे किस जनपद में कब से कब तक अपनी सेवाएं दे रहे हैं। यदि कोई चिकित्सक दूसरे जिले में भी अपनी सेवाएं दे रहा है, तो उससे वहां निवास करने के साक्ष्य भी मांगे जा सकते हैं। सूत्रों के अनुसार, यदि इस प्रकरण की गहनता से जांच की जाए तो बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े का खुलासा हो सकता है।nnजांच में सामने आए कुछ मामलों के अनुसार, बस्ती जिले के किरण अल्ट्रासाउंड सेंटर, रोडवेज तिराहा पर तैनात चिकित्सक की डिग्री का उपयोग गोंडा जिले के राजश्री अल्ट्रासाउंड सेंटर, निकट कृष्णा टाकीज में भी किया जा रहा था। इसी तरह, बस्ती के आकृति डायग्नोस्टिक सेंटर पर डॉ. अजय की डिग्री का इस्तेमाल संतकबीरनगर जिले के कृष्णा डायग्नोस्टिक सेंटर और अपोलो डायग्नोस्टिक सेंटर, मारुति नंदर काम्प्लेक्स, काजीपुर चौराहा में भी पाया गया। इन दोनों सेंटरों को भी नोटिस जारी किया गया है।nnएक अन्य मामले में, स्टार अल्ट्रासाउंड सेंटर, निकट जिला महिला अस्पताल में डॉ. सैयद शबीह हैदर की डिग्री श्रावस्ती जिले के लाइफ केयर सेंटर, इकौना और लखनऊ जिले के प्रार्थना डायग्नोस्टिक सेंटर, मंगलपुरी, इस्माइलगंज में भी प्रयोग की जा रही थी। डाजरा डायग्नोस्टिक सेंटर, अस्पताल चौराहा के चिकित्सक की डिग्री बड़ेबन स्थित अनंता हार्ट एंड कैंसर हॉस्पिटल के साथ-साथ संतकबीरनगर जिले के इंडो अमेरिकन डायग्नोस्टिक सेंटर में भी इस्तेमाल हो रही थी। लाइफ लाइन डायग्नोस्टिक सेंटर में डॉ. उदयभान सिंह की डिग्री का उपयोग लखनऊ के एलडीए कॉलोनी, कानपुर रोड स्थित आरएच डायग्नोस्टिक सेंटर एंड इमैजिंग सेंटर में भी पाया गया है।nnयह मामला प्रदेश भर में अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटरों के खिलाफ चलाए जाने वाले अभियान का हिस्सा है। ऐसी सूचना है कि कार्रवाई के बाद जिलाधिकारी (डीएम) शासन को रिपोर्ट भेजेंगे। बरेली जैसे शहरों में भी जल्द ही इस तरह के अभियान शुरू होने की उम्मीद है। यह भी ज्ञात हुआ है कि प्रदेश के 2481 अल्ट्रासाउंड सेंटरों में से लखनऊ सहित आठ जिलों के 100 से अधिक अल्ट्रासाउंड सेंटरों की रिपोर्ट अभी तक अपलोड नहीं की गई है, जो नियमों के अनुपालन पर सवाल खड़े करता है।”
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