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झारखंड स्थापना दिवस: रजत जयंती पर डीसी बोले- बिरसा मुंडा के आशीर्वाद से चमकेगा राज्य

By Nov 15, 2025

झारखंड आज (15 नवंबर) अपना 25वां स्थापना दिवस मना रहा है। इसी के साथ, धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती भी पूरे राज्य में धूमधाम से मनाई जा रही है। 15 नवंबर 2000 को बिहार से अलग होकर स्वतंत्र झारखंड राज्य का गठन किया गया था। इस दोहरे ऐतिहासिक अवसर पर पूरे प्रदेश में गौरव और उत्साह का माहौल व्याप्त है।

भगवान बिरसा मुंडा, जिन्हें ‘धरती आबा’ के नाम से भी जाना जाता है, एक महान भारतीय आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी और लोक नायक थे। उन्होंने 19वीं शताब्दी के अंत में ब्रिटिश शासन के खिलाफ आदिवासी आंदोलन का नेतृत्व किया। 15 नवंबर 1875 को झारखंड में जन्मे बिरसा मुंडा ने आदिवासी लोगों को उनके अधिकारों के लिए लड़ने के लिए संगठित किया और ‘उलगुलान’ नामक प्रसिद्ध विद्रोह का नेतृत्व किया। 3 मार्च 1900 को उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और 9 जून को उनकी मृत्यु हो गई, लेकिन उनका संघर्ष आज भी प्रेरणा का स्रोत है।

राज्य स्थापना की 25वीं वर्षगांठ और भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के अवसर पर धनबाद में विशेष समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान उपायुक्त आदित्य रंजन ने अपने संबोधन में कहा कि भगवान बिरसा मुंडा के आशीर्वाद से झारखंड आने वाले 25 वर्षों में दुनिया में अपना नाम रोशन करेगा। उन्होंने इस ऐतिहासिक अवसर को झारखंडवासियों की भावनाओं, संघर्ष और आकांक्षाओं का संगम बताया।

समारोह की शुरुआत में बैंक मोड़ स्थित बिरसा चौक पर उपायुक्त आदित्य रंजन, वरीय अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने भगवान बिरसा मुंडा की आदमकद प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। इसके बाद वरीय पुलिस अधीक्षक आवास के बाहर स्थापित बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर भी माल्यार्पण किया गया। उपायुक्त ने जिलेवासियों को स्थापना दिवस और जनजातीय गौरव दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि झारखंड आंदोलनकारियों के बलिदान को हमेशा सम्मान दिया जाएगा और इस अवसर पर उन्हें सम्मानित भी किया जाएगा।

उपायुक्त रंजन ने लोगों से आह्वान किया कि झारखंड को शीर्ष पर ले जाने और आंदोलनकारियों के सपनों को साकार करने के लिए सभी वर्ग एकजुट हों। उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा को भारतीय जनजातीय समाज के शौर्य, साहस, पराक्रम और बलिदान का प्रतीक बताया। उनके नेतृत्व ने उन्नीसवीं शताब्दी के उत्तरार्द्ध में सामाजिक और राजनीतिक परिवर्तन का एक नया अध्याय लिखा, जो आज भी प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है।

यह उल्लेखनीय है कि 15 नवंबर 2000 को तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने बिहार राज्य के विभाजन के बाद झारखंड का गठन किया था। इसी अवधि में उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ राज्यों का निर्माण भी किया गया था। राज्य गठन के बाद भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी झारखंड के प्रथम मुख्यमंत्री बने, जबकि प्रभात कुमार राज्य के पहले राज्यपाल नियुक्त हुए। झारखंड हर वर्ष 15 नवंबर को अपना स्थापना दिवस भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के साथ मनाता है, जो इस दिन के महत्व को और बढ़ा देता है।

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