जयशंकर ने कतर के शीर्ष नेतृत्व से की मुलाकात, द्विपक्षीय संबंधों पर हुई अहम चर्चा
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने रविवार को कतर के शीर्ष नेतृत्व के साथ महत्वपूर्ण द्विपक्षीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने दोहा में कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान बिन जसीम अल थानी के साथ एक बैठक की, जिसमें ऊर्जा, व्यापार, निवेश और लोगों के बीच आपसी संपर्क सहित रणनीतिक साझेदारी के प्रमुख पहलुओं की समीक्षा की गई। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने के तरीकों पर गहन विचार-विमर्श किया।
जयशंकर ने कतर के अमीर तमीम बिन हमद अल थानी से भी मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने भारत और कतर के बीच संबंधों को और अधिक प्रगाढ़ बनाने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया। यह मुलाकात दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण साबित होगी।
इसके अतिरिक्त, जयशंकर ने बहरीन के समकक्ष अब्दुल्लातिफ बिन राशिद अल जायनी के साथ फोन पर बातचीत की। इस वार्ता में दोनों देशों के बीच साझेदारी को मजबूत करने के उपायों पर चर्चा हुई। साथ ही, वर्तमान क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया गया, जिससे दोनों देशों के बीच समन्वय और बढ़ेगा।
आगामी दिनों में जयशंकर की व्यस्तता बढ़ने वाली है। वे अगले महीने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की नई दिल्ली यात्रा से पहले, द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा के उद्देश्य से सोमवार को अपने रूसी समकक्ष सर्गेई लावरोव से मुलाकात करेंगे। सूत्रों के अनुसार, जयशंकर मंगलवार को शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के प्रधानमंत्रियों की परिषद की बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने के लिए मॉस्को भी पहुंच रहे हैं। इस बैठक में पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री मोहम्मद इशाक डार करेंगे। क्रेमलिन के सूत्रों ने बताया कि राष्ट्रपति पुतिन, रूसी प्रधानमंत्री मिखाइल मिशुस्तीन की मेजबानी में एससीओ के नेताओं से मुलाकात करेंगे।
