जामिया को मिला डिसेबिलिटी एजुकेशन में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का दर्जा, दिव्यांगों को मुख्यधारा से जोड़ने की पहल
जामिया मिल्लिया इस्लामिया (JMI) को दिव्यांग शिक्षा कार्यक्रमों में उत्कृष्टता केंद्र (Center of Excellence) के रूप में मान्यता मिली है। यह प्रतिष्ठित दर्जा भारतीय पुनर्वास परिषद (RCI) द्वारा प्रदान किया गया है, जो दिव्यांग व्यक्तियों के सशक्तिकरण और समाज में उनके समावेश को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
यह मान्यता जामिया के शिक्षा विभाग और मनोविज्ञान विभाग द्वारा संचालित विशेष शिक्षा और परामर्श कार्यक्रमों की गुणवत्ता और प्रभावशीलता को दर्शाती है। विश्वविद्यालय बीएड विशेष शिक्षा (अधिगम अक्षमता), बीएड विशेष शिक्षा (दृष्टिबाधित), एमएड विशेष शिक्षा (अधिगम अक्षमता), एमएड विशेष शिक्षा (दृष्टिबाधित) और बाल्यावस्था मार्गदर्शन एवं परामर्श में एडवांस्ड डिप्लोमा जैसे विभिन्न पाठ्यक्रम प्रदान करता है।
जामिया के कुलपति प्रो. आसिफ ने इस उपलब्धि को विकलांगता-केंद्रित शिक्षा, अनुसंधान और प्रशिक्षण को संस्थागत बनाने में एक मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि यह दर्जा दिव्यांग व्यक्तियों को सशक्त बनाने और उनके पुनर्वास में महत्वपूर्ण योगदान देगा। रजिस्ट्रार प्रो. मोहम्मद महताब आलम रिजवी ने फैकल्टी सदस्यों के समर्पण को इस सफलता का श्रेय दिया। यह मान्यता समावेशी शिक्षा और उच्च-गुणवत्ता वाले व्यावसायिक प्रशिक्षण के प्रति जामिया की प्रतिबद्धता को मजबूत करती है।
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