जम्मू-कश्मीर में जमीन खरीद मुश्किल: डोमिसाइल के बिना बाहरी खरीददार नहीं खरीद सकते
जम्मू–कश्मीर में बाहरी लोगों के लिए जमीन खरीदना अभी भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। हाल ही में किए गए एक स्टिंग ऑपरेशन में, जिसमें एक खरीदार बनकर कश्मीर के प्रॉपर्टी एजेंटों, पटवारियों और तहसीलदारों से संपर्क साधा गया, यह स्पष्ट हुआ है कि बिना डोमिसाइल (स्थानीय निवास प्रमाण पत्र) के कोई भी बाहरी व्यक्ति जमीन नहीं खरीद सकता है। सभी संबंधित अधिकारियों और एजेंटों ने एक ही जवाब दिया कि ‘बिना डोमिसाइल के आउटसाइडर जमीन नहीं खरीद सकता।’nnयह पड़ताल ऐसे समय में की गई है जब जम्मू–कश्मीर में सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं। 10 नवंबर को दिल्ली के लाल किला के पास हुए ब्लास्ट और उससे पहले श्रीनगर के बनपोरा इलाके में जैश-ए-मोहम्मद (JeM) की तरफ से जारी किए गए आपत्तिजनक पोस्टरों के बीच एक कड़ी देखी जा रही है। इन पोस्टरों पर ‘बाहरियों को शरण न दें’ और ‘शरिया के खिलाफ काम न करें, वरना सख्त एक्शन लिया जाएगा’ जैसे संदेश लिखे थे। ये पोस्टर कमांडर हंजला भाई के नाम से 17 अक्टूबर को जारी किए गए थे। इन पोस्टरों के बाद ही जम्मू–कश्मीर पुलिस हरकत में आई थी और जांच शुरू की थी।nnकश्मीर की जमीनी हकीकत जानने के लिए, एक रिपोर्टर ने जमीन खरीदार बनकर वहां के प्रॉपर्टी एजेंटों, पटवारियों और तहसीलदारों से मुलाकात की। यह बातचीत हिडन कैमरे में रिकॉर्ड की गई। पहली मुलाकात में, रियल एस्टेट ब्रोकर शाह मुतयैब से रिपोर्टर ने जयपुर से होने का हवाला देते हुए श्रीनगर में एक रेसिडेंशियल प्लॉट खरीदने की इच्छा जताई। इस पर मुतयैब ने तुरंत कहा, ‘आउटसाइडर अपने नाम पर जमीन रजिस्टर नहीं करा सकता। डोमिसाइल जरूरी है।’ जब रिपोर्टर ने बिना डोमिसाइल के खरीदने की संभावना पूछी, तो जवाब मिला, ‘नहीं। एग्रीकल्चर लैंड तो बिल्कुल नहीं। रेसिडेंशियल भी तभी जब डोमिसाइल हो।’ यह बातचीत स्पष्ट करती है कि जम्मू–कश्मीर में जमीन खरीद के नियम अभी भी सख्त हैं और बाहरी लोगों के लिए डोमिसाइल की अनिवार्यता बनी हुई है।”
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