आजम खान के यतीमखाना मामले में गवाह पेश न होने से टली सुनवाई
रामपुर। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान के खिलाफ यतीमखाना प्रकरण से जुड़े मामले में गवाहों के अदालत में उपस्थित न होने के कारण सुनवाई स्थगित कर दी गई है। इस मामले में अब अगली सुनवाई 21 नवंबर को होगी, जब न्यायालय बचाव पक्ष के अगले गवाह को तलब करेगा।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता के अनुसार, बचाव पक्ष की ओर से गवाही चल रही है। पिछली तारीख पर न्यायालय ने एक गवाह को पेश करने का अंतिम अवसर दिया था, लेकिन वह गवाह उपस्थित नहीं हुआ। इस पर न्यायालय ने गवाही का अवसर समाप्त कर दिया और अगले गवाह को पेश करने के निर्देश दिए हैं।
यह मामला वर्ष 2016 का है, जब शहर कोतवाली क्षेत्र की यतीमखाना बस्ती को कथित तौर पर जबरन खाली कराया गया था। उस समय प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार थी। आरोप है कि आजम खान के इशारे पर तत्कालीन पुलिस बल और पार्टी कार्यकर्ताओं ने बस्ती खाली कराई थी। इस कार्रवाई के दौरान घरों में घुसकर मारपीट करने, छेड़छाड़ करने तथा लोगों की भैंस और बकरियां लूटने का मुकदमा दर्ज किया गया था।
इस मुकदमे में आजम खान के अलावा सेवानिवृत्त सीओ आले हसन खां, सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष वीरेंद्र गोयल और इस्लाम ठेकेदार सहित अन्य लोग भी नामजद हैं। मामले की सुनवाई एमपी-एमएलए कोर्ट (सेशन ट्रायल) में चल रही है।
शुरुआत में यतीमखाना प्रकरण में शहर कोतवाली में 12 अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए थे, लेकिन बाद में न्यायालय ने इन सभी को एक साथ जोड़ दिया। अभियोजन पक्ष की गवाही पूरी हो चुकी है और वर्तमान में बचाव पक्ष की गवाही चल रही है। गवाहों के पेश न होने से मामले की सुनवाई में देरी हो रही है, जिससे आजम खान की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
