जल जीवन मिशन की धीमी गति पर डीएम ने जताई नाराजगी, दिए सख्त निर्देश
अलीगढ़ में ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे जल जीवन मिशन (ग्रामीण) की प्रगति पर जिलाधिकारी (डीएम) संजीव रंजन ने असंतोष व्यक्त किया है। गुरुवार को आयोजित एक समीक्षा बैठक में मिशन के तहत कार्यों की धीमी गति उजागर होने पर डीएम ने संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने अधिशासी अभियंता जल निगम सहित सभी कार्यदायी संस्थाओं को स्पष्ट चेतावनी देते हुए निर्देश दिया कि जिन परियोजनाओं में 70 से 80 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है, उन्हें अविलंब तेजी से गति देकर निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए।
डीएम ने इस बात पर जोर दिया कि अब कार्यों में किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि निर्माण कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी और उन पर कार्रवाई भी हो सकती है। बैठक में अधिशासी अभियंता ने बताया कि जिले में कुल 4.28 लाख घरों तक नल कनेक्शन पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए जिले में चार प्रमुख संस्थाएं कार्य कर रही हैं।
विभिन्न संस्थाओं द्वारा किए गए कार्यों की प्रगति का विवरण देते हुए बताया गया कि पीएनसी इंफ्राटेक ने 417 में से 115 परियोजनाओं को पूरा कर जलापूर्ति शुरू कर दी है। केपीटीएल संस्था ने 158 में से 93 परियोजनाओं को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है और 149 स्थानों पर पानी की आपूर्ति जारी है। इसी प्रकार, आयन एक्सचेंज ने 155 में से 51 कार्य पूरे किए हैं और 67 स्थानों पर जलापूर्ति आरंभ कर दी है। प्रवीन इलेक्ट्रिकल्स ने अपने हिस्से के सभी 56 प्रोजेक्ट को शत-प्रतिशत पूरा कर लिया है।
ग्रामीणों को पेयजल संबंधी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए जारी टोल-फ्री नंबर 18001212164 के बारे में भी जानकारी दी गई। साथ ही यह भी बताया गया कि पंप हाउसों पर शिकायत दर्ज कराने के लिए रजिस्टर भी उपलब्ध कराए गए हैं। अब तक प्राप्त कुल 1081 शिकायतों में से 1031 शिकायतों का निस्तारण किया जा चुका है। डीएम ने शेष 50 शिकायतों के शीघ्र और प्रभावी निस्तारण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि मिशन का उद्देश्य केवल कागजी कार्रवाई पूरा करना नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर लोगों को इसका लाभ मिलना चाहिए और काम धरातल पर दिखना चाहिए। इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) योगेंद्र कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
