AMU क्रिकेट पवेलियन में LBW विवाद, राजा महेंद्र प्रताप सिंह विवि की टीम ने छोड़ा मैदान
अलीगढ़ के पवेलियन मैदान में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) और राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय के बीच खेले जा रहे क्रिकेट मैच में गुरुवार को उस समय विवाद की स्थिति बन गई जब एएमयू के पक्ष में एक विवादास्पद LBW (लेग बिफोर विकेट) निर्णय दिया गया। राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय के बल्लेबाज को आउट करार दिए जाने से नाराज खिलाड़ियों ने अंपायर के फैसले पर आपत्ति जताई और मैदान पर ही अंपायर से बहस शुरू कर दी।nnइस घटना के कारण मैच लगभग 15 से 20 मिनट तक रुका रहा, जिससे खेल के माहौल में तनाव फैल गया। मामले को शांत करने के लिए यूनिवर्सिटी गेम्स कमेटी के सचिव प्रो. सय्यद अमजद अली रिजवी और पर्यवेक्षक प्रदीप कुमार ने हस्तक्षेप किया। उन्होंने दोनों टीमों के प्रतिनिधियों को समझाया कि दोनों ही टीमें अलीगढ़ का प्रतिनिधित्व करती हैं और किसी भी टीम की जीत अलीगढ़ के लिए ही होगी।nnमध्यस्थता के बाद, एएमयू के कप्तान मोहम्मद सिबतैंन ने LBW अपील को वापस लेने पर सहमति व्यक्त की। इसके बाद अंपायर ने राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय के खिलाड़ी को नॉट आउट करार दिया। हालांकि, यह राहत ज्यादा देर तक नहीं टिकी और वही खिलाड़ी अगले ही ओवर में आउट हो गया।nnइस मैच में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई। सूत्रों के अनुसार, राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय की टीम जीत के लिए बेताब थी और उन्होंने एक ऐसे गेंदबाज, मोहित यादव, को मैदान में उतारा जो न तो संस्थान का छात्र था और न ही अलीगढ़ का निवासी। यह गेंदबाज एटा का रहने वाला था। एएमयू टीम को इस खिलाड़ी की पात्रता पर संदेह हुआ, जिसके बाद एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज के पर्यवेक्षक प्रदीप कुमार ने मोहित यादव से पूछताछ की। खिलाड़ी और टीम के सदस्य संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। पर्यवेक्षक ने इस पर खिलाड़ी और टीम को फटकार लगाई।nnखेल प्रेमियों ने इस घटना पर चिंता व्यक्त की है और अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में आयोजित नॉर्थ जोन इंटर यूनिवर्सिटी क्रिकेट टूर्नामेंट में अंपायरों के निर्णयों पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि आयोजक और एएमयू खेल कमेटी द्वारा गलत निर्णय कराकर खेल की विश्वसनीयता को ठेगा दिखाया जा रहा है। खेल प्रेमियों का कहना है कि इस टूर्नामेंट में एएमयू के खिलाफ खेलने वाली कई टीमों के खिलाड़ियों को अंपायरों के गलत फैसलों का सामना करना पड़ा है। एक कैच आउट को भी नॉट आउट करार देने जैसे उदाहरण सामने आए हैं। खेल प्रेमियों ने इस मामले की शिकायत चार दिसंबर को होने वाले फाइनल मुकाबले में आने वाले बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला से करने की बात कही है।”
बातचीत में धैर्य रखने की सलाह दी है।”
दी बात कही है।
