जीविका महिला रोजगार योजना: 4000 महिलाओं को दिसंबर अंत तक मिलेगी 10 हजार की किस्त
मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत बिहार की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सरकार महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। जमुई जिले के चंद्रमंडी प्रखंड में जीविका द्वारा संचालित इस योजना के तहत, जिन महिलाओं के खातों में अभी तक 10 हजार रुपये की पहली किस्त नहीं पहुंची है, उन्हें दिसंबर माह के अंत तक यह राशि प्राप्त हो जाएगी।
जीविका के प्रखंड प्रबंधक आशीष कुमार सिंह ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि प्रखंड स्तर पर कुल 34 हजार महिलाओं ने इस योजना के लिए आवेदन किया था। इनमें से 30 हजार महिलाओं के खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से 10 हजार रुपये की राशि सफलतापूर्वक भेजी जा चुकी है। शेष बची 4000 महिलाओं के खातों में भी दिसंबर के अंतिम सप्ताह तक राशि हस्तांतरित कर दी जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि 28 नवंबर को भी कुछ महिलाओं को राशि भेजी गई है।
प्रबंधक ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि जिन महिलाओं को यह 10 हजार रुपये की राशि प्राप्त हो चुकी है, उनके लिए यह अनिवार्य है कि वे जल्द से जल्द अपना रोजगार शुरू करें। जीविका की टीम जल्द ही इन महिलाओं द्वारा शुरू की गई रोजगार संबंधी गतिविधियों की जांच करेगी। सफल जांच के उपरांत ही उन्हें एक लाख 90 हजार रुपये की अगली बड़ी राशि का भुगतान किया जाएगा। इसमें कुछ समय लग सकता है, लेकिन यह प्रक्रिया महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने उन महिलाओं के प्रति भी चिंता व्यक्त की जिन्होंने राशि प्राप्त करने के बाद भी रोजगार शुरू नहीं किया है। ऐसे मामलों में, जीविका की टीम उन्हें तुरंत रोजगार शुरू करने के लिए प्रेरित करेगी। यह योजना न केवल वित्तीय सहायता प्रदान करती है, बल्कि महिलाओं को स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने का एक सशक्त माध्यम भी है।
बैंक खातों और आधार कार्ड में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी होने पर राशि के हस्तांतरण में बाधा आ सकती है। इसलिए, यह आवश्यक है कि आवेदक अपनी बैंक संबंधी और आधार संबंधी जानकारी समय रहते दुरुस्त करा लें ताकि उन्हें योजना का पूर्ण लाभ मिल सके।
