जी-20 शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी का जलवा, वैश्विक नेताओं से गर्मजोशी भरी मुलाकातें
दक्षिण अफ्रीका के जोहानिसबर्ग में जी-20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को वैश्विक मंच पर अपनी सक्रिय कूटनीति का प्रदर्शन किया। शिखर सम्मेलन के उद्घाटन सत्र से पहले, उन्होंने कई राष्ट्राध्यक्षों और राष्ट्राध्यक्षों के साथ गर्मजोशी भरी और फलदायी मुलाकातें कीं।
विशेष रूप से, प्रधानमंत्री मोदी की इटली की प्रधानमंत्री जार्जिया मेलोनी के साथ हुई मुलाकात पर सबकी नजरें थीं। इंटरनेट पर प्रसारित वीडियो में दोनों नेताओं को एक-दूसरे से हंसी-मजाक करते हुए देखा गया, जो उनके बीच सहज संबंधों को दर्शाता है। यह दोनों नेताओं की जून में कनाडा में हुई जी-7 शिखर सम्मेलन के बाद की दूसरी मुलाकात थी।
प्रधानमंत्री मोदी ने ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डासिल्वा के साथ भी एक आत्मीय भेंट की। दोनों नेताओं ने एक-दूसरे को गले लगाकर अभिवादन किया, जो भारत और ब्राजील के बीच मजबूत होते रिश्तों का प्रतीक है। इस मुलाकात के बाद, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और ब्राजील अपने नागरिकों के लाभ के लिए व्यापार और सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करने के लिए मिलकर काम करना जारी रखेंगे।
शिखर सम्मेलन के इतर, प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीयर स्टार्मर से मुलाकात को ‘अद्भुत’ बताया। उन्होंने कहा कि यह वर्ष भारत-ब्रिटेन साझेदारी के लिए नई ऊर्जा लेकर आया है और दोनों देश विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाएंगे।
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ मुलाकात पर खुशी व्यक्त करते हुए, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दोनों नेताओं के बीच विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहन चर्चा हुई। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत-फ्रांस संबंध दुनिया की भलाई के लिए एक मजबूत शक्ति बने हुए हैं।
प्रधानमंत्री ने दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग, मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम और संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरस से भी मुलाकात की। संयुक्त राष्ट्र महासचिव गुटेरस के साथ हुई बातचीत को उन्होंने ‘बहुत सार्थक’ बताया।
इन सभी मुलाकातों के माध्यम से, प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक प्रगति और समृद्धि के लिए साझा प्रतिबद्धता की पुष्टि की। उन्होंने विभिन्न नेताओं के साथ द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के तरीकों पर विचार-विमर्श किया, जिससे जी-20 शिखर सम्मेलन में भारत की महत्वपूर्ण भूमिका रेखांकित हुई।
