जौनपुर: वोटर लिस्ट में बर्खास्त सिपाही के नाम पर बवाल, धनंजय सिंह भी लपेटे में
जौनपुर में मतदाता सूची को लेकर एक नया विवाद सामने आया है, जिसने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। पूर्व सांसद धनंजय सिंह के साथ मतदाता सूची में एक बर्खास्त सिपाही के नाम के शामिल होने और दोनों का एक ही मकान संख्या पर दर्ज होने का आरोप लगाया गया है। इस गंभीर मामले को उठाते हुए तत्काल जांच की मांग की गई है।
सूत्रों के अनुसार, यह मामला तब प्रकाश में आया जब आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने एक वीडियो के माध्यम से इस ओर ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने आरोप लगाया कि मल्हनी विधानसभा क्षेत्र की बनसफा से प्राप्त मतदाता सूची में क्रम संख्या 115 पर धनंजय सिंह के भाई जितेंद्र सिंह, 116 पर उनकी पत्नी व जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीकला सिंह और 118 पर धनंजय सिंह का नाम दर्ज है। इसी सूची में क्रम संख्या 120 पर आलोक प्रताप सिंह का नाम है, जो एक बर्खास्त सिपाही हैं। ठाकुर का कहना है कि मतदाता सूची में धनंजय सिंह और बर्खास्त सिपाही आलोक प्रताप सिंह का एक ही मकान संख्या पर अंकित होना एक गंभीर प्रकरण है और इसकी गहन जांच होनी चाहिए।
इस आरोप के बाद, जिला निर्वाचन अधिकारी डॉक्टर दिनेश चंद्र ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत मतदाता सूची तैयार की जा रही है और इस संबंध में संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ईआरओ) को जांच के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि जांच में यदि कोई भी दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला फर्जी तरीके से मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के आरोपों की ओर भी इशारा करता है, जिससे चुनाव प्रक्रिया की शुचिता पर सवाल उठ सकते हैं। प्रशासन का कहना है कि मतदाता सूची को त्रुटिहीन बनाने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है और इस तरह के किसी भी अनैतिक कृत्य को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जांच के निष्कर्षों का इंतजार है, जिसके बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
