जालंधर-पठानकोट रेल मार्ग पर पटरी बदली, ट्रेनों की गति बढ़ाने की तैयारी
रेलवे ने जालंधर कैंट-पठानकोट रेल मार्ग पर ट्रेनों की गति बढ़ाने के उद्देश्य से पटरियां बदलने का महत्वपूर्ण कार्य शुरू किया है। इस परियोजना के तहत, कोटरामदास आबादी फाटक को रविवार शाम तक बंद रखा गया है। इस कार्य का मुख्य लक्ष्य भविष्य में रेलगाड़ियों के संचालन को सुगम और तेज बनाना है, ताकि किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। पटरियों के साथ-साथ स्लीपर और गटके को भी दुरुस्त किया जा रहा है।
इस कार्य के चलते, रविवार तक कोटरामदास आबादी फाटक और करोल बाग फाटक के बीच का हिस्सा प्रभावित रहेगा। इसके बाद, करोल बाग फाटक से सुच्ची पिंड स्टेशन तक काम जारी रहेगा। इस दौरान, ट्रेनों के आवागमन को सुचारू रखने के लिए सुबह 11:35 बजे से दोपहर 1:45 बजे तक का ब्लॉक लिया गया था, जिससे जालंधर कैंट से पठानकोट रूट लगभग सवा दो घंटे तक बंद रहा।
हालांकि, फाटक बंद होने की सूचना पहले से सार्वजनिक न किए जाने के कारण वाहन चालकों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। विशेष रूप से, श्री गुरु तेग बहादुर साहिब के 350वें शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में निकाले जा रहे नगर कीर्तन के कारण पहले से ही रूट डायवर्ट किए गए थे। बस स्टैंड से निकलने वाली बसें गुरु नानक पुरा फाटक से चौगिट्टी चौक की ओर आ गईं, जिससे भारी वाहनों के एक साथ आने से लद्देवाली फ्लाईओवर और गुरु नानक पुरा रोड पर लगभग डेढ़ घंटे तक ट्रैफिक जाम रहा।
जब वाहन चालक किसी तरह जाम से निकलकर कोटरामदास आबादी फाटक की ओर बढ़े, तो उन्हें पता चला कि फाटक दो दिनों के लिए बंद है। रेलवे द्वारा किसी भी प्रकार की पूर्व सूचना न मिलने के कारण, कई वाहन चालक फाटक पर पहुंचकर वापस मुड़े और फिर से जाम में फंस गए। सूत्रों के अनुसार, इस स्थिति से बचने के लिए, वाहन चालकों को सलाह दी गई है कि वे तब तक लद्देवाली फ्लाईओवर और करोल बाग फाटक के मार्ग का ही इस्तेमाल करें।
