नए साल में जेब पर पड़ेगा बोझ! जम्मू-कश्मीर में ई-बसों का किराया बढ़ाने की तैयारी, जानिए कितना होगा इजाफा
जम्मू-कश्मीर में नए साल से ई-बसों की सवारी महंगी होने जा रही है। स्मार्ट सिटी के तहत चल रही इन बसों के किराए में 5 से 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी का प्रस्ताव तैयार किया गया है। सरकार की मंजूरी मिलते ही इसे लागू कर दिया जाएगा। यह बढ़ोतरी यात्रियों की जेब पर सीधा असर डालेगी, खासकर उन 25,000 दैनिक यात्रियों पर जो इन बसों का उपयोग करते हैं।
इस बढ़ोतरी के पीछे मुख्य कारण इन बसों के संचालन में हो रहा भारी घाटा है। विधानसभा सत्र में पेश की गई जानकारी के अनुसार, जम्मू-कश्मीर में 200 ई-बसों से रोजाना लगभग 20 लाख रुपये का घाटा हो रहा है। इसमें जम्मू और कश्मीर संभाग का घाटा बराबर है। सीईओ डॉ. देवांश यादव ने भी पुष्टि की कि यह एक रूटीन प्रक्रिया है, लेकिन बढ़ती महंगाई और घाटे को देखते हुए किराया बढ़ाना जरूरी हो गया है।
वर्तमान में, जम्मू संभाग में 100 ई-बसें चल रही हैं, जिनमें से 95 बसें सड़कों पर रहती हैं। महिलाओं के लिए यात्रा निशुल्क है, जिसके कारण यह उनकी पहली पसंद बनी हुई हैं। हालांकि, किराए में बढ़ोतरी का प्रस्ताव लागू होने के बाद महिलाओं की निशुल्क यात्रा पर क्या असर पड़ेगा, यह स्पष्ट नहीं है। इन बसों को जनवरी 2024 में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लॉन्च किया था।
यात्रियों को आकर्षित करने के लिए वर्तमान में डिजिटल भुगतान (चलो ऐप या क्यूआर कोड) पर 5 प्रतिशत की छूट दी जाती है। हालांकि, नकद भुगतान पर कोई छूट नहीं मिलती है। घाटे को कम करने के लिए चोरी और हेराफेरी रोकने के लिए सीसीटीवी और अन्य तरीकों से सख्ती बढ़ाई गई है।
