ईरान-अमेरिका तनाव: कुवैत और बहरीन में अमेरिकी ठिकानों पर हमले का दावा, शेयर बाजार में भारी गिरावट
ईरान और अमेरिका के बीच सैन्य तनाव गहराता जा रहा है। रविवार को अमेरिका द्वारा ईरान में 140 ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए जाने के बाद, ईरान ने सोमवार को कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई का दावा किया है।
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के अनुसार, कुवैत के अली अल-सलेम एयरबेस पर ईंधन टैंक और पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम को निशाना बनाया गया। साथ ही, अहमद अल-जाबेर एयरबेस के रडार सिस्टम पर भी हमला किया गया। IRGC ने बहरीन के शेख ईसा एयरबेस पर भी हमले का दावा करते हुए कहा कि वहां हेलिकॉप्टर रखरखाव केंद्र, P-8 विमान के हैंगर और अमेरिकी सेना के ड्रोन कमांड एंड कंट्रोल सेंटर को निशाना बनाया गया। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
ईरान के सुप्रीम लीडर के सलाहकार मोहसिन रेजाई ने होर्मुज स्ट्रेट के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि ईरान इसकी हर हाल में रक्षा करेगा। इस बीच, मध्य पूर्व से जुड़ी कई अन्य खबरें भी सामने आई हैं। ओमान के पास ‘GFS गैलेक्सी’ जहाज पर हुए हमले में एक भारतीय नागरिक लापता है, जबकि 10 को बचा लिया गया है। भारत ने नागरिक जहाजों पर हमलों की निंदा की है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड का दावा है कि उन्होंने पिछले तीन दिनों में ईरान के 300 से ज्यादा सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। इजराइल ने दक्षिणी लेबनान के नबातियेह जिले में गोलीबारी की है, जबकि कुवैत की सेना ने बताया कि हाल के हमलों में देश की तीन सीमा चौकियों को नुकसान पहुंचा है। ईरान के महशहर शहर में एक वाटर प्रोजेक्ट पर हुए हमले में एक व्यक्ति की मौत और चार घायल हुए हैं।
ईरान-अमेरिका तनाव का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी दिख रहा है। सोमवार को साउथ कोरिया का शेयर बाजार कोस्पी (KOSPI) इंडेक्स 8% गिर गया, जिससे 328 अरब डॉलर की बाजार पूंजी का नुकसान हुआ। निवेशकों की नजरें अब अमेरिका के महंगाई के आंकड़ों पर टिकी हैं, जिनके तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद बढ़ने की आशंका है।
होर्मुज स्ट्रेट, जो ईरान और ओमान के बीच स्थित है, वैश्विक तेल व्यापार के लिए एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। इसकी संकरी चौड़ाई और सामरिक महत्व के कारण यह क्षेत्र हमेशा से तनाव का केंद्र रहा है।
