बदायूं में ड्यूटी पर दारोगा की हार्ट अटैक से मौत, पोस्टमार्टम हाउस पर थमीं सांसें | Badaun News
बदायूं में उझानी कोतवाली में तैनात दारोगा कुंवरपाल सिंह का सोमवार सुबह पोस्टमार्टम हाउस पर अचानक हृदयाघात (Heart Attack) से निधन हो गया। वे एक किशोरी के शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए पहुंचे थे, तभी यह दुखद घटना हुई। इस अप्रत्याशित घटना से पुलिस विभाग में शोक की लहर दौड़ गई है और ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियों के स्वास्थ्य पर चिंता बढ़ गई है।
मूलरूप से बुलंदशहर जिले के रामघाट निवासी 55 वर्षीय दारोगा कुंवरपाल सिंह वर्ष 1989 में पुलिस विभाग में सिपाही के पद पर भर्ती हुए थे और दो साल पहले ही पदोन्नत होकर दारोगा बने थे। उनका परिवार चंदौसी की भगवती बिहार कॉलोनी में रहता है। पिछले कुछ वर्षों से वे डायबिटीज की समस्या से जूझ रहे थे, जो हाल ही में काफी बढ़ गई थी। रविवार को उझानी में एक 15 वर्षीय किशोरी ने आत्महत्या कर ली थी, और दारोगा कुंवरपाल सिंह उसी के शव का पोस्टमार्टम कराने बदायूं आए थे।
पोस्टमार्टम हाउस पहुंचने से पहले उन्होंने सिविल लाइंस थाने के सामने एक दुकान पर चाय पी। सिपाही मनोज के साथ वे पैदल ही पोस्टमार्टम हाउस की ओर जा रहे थे। जैसे ही वे पूर्वी गेट के पास पहुंचे, अचानक सिर पकड़कर गश खाकर गिर पड़े। मौके पर मौजूद पोस्टमार्टम हाउस के कर्मचारी सत्यवीर ने तुरंत उन्हें सीपीआर दिया और बचाने का प्रयास किया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक बार उनकी सांसें वापस आती भी दिखीं, जिससे उम्मीद जगी थी।
तत्काल एंबुलेंस बुलाई गई और उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया। रास्ते भर कर्मचारी सत्यवीर उन्हें सीपीआर देता रहा, लेकिन अस्पताल पहुंचते-पहुंचते उनका शरीर ठंडा पड़ चुका था। डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही एसपी सिटी विजयेंद्र द्विवेदी, सीओ सिटी रजनीश कुमार उपाध्याय, सीओ उझानी डॉ. देवेंद्र कुमार सहित कई पुलिस अधिकारी और कर्मी अस्पताल पहुंचे। दारोगा के परिजनों को सूचना दी गई और शाम को उनके शव का पोस्टमार्टम कराया गया। सोमवार शाम पुलिस लाइन में उन्हें अंतिम विदाई दी गई, जहां सभी पुलिस अधिकारियों ने पुष्प चक्र अर्पित कर सलामी दी।
