अमेरिका के साथ इस साल हो सकती है शुरुआती ट्रेड डील, भारतीय निर्यातकों को मिलेगा बड़ा फायदा!
वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने शुक्रवार को कहा कि भारत को उम्मीद है कि इस साल अमेरिका के साथ शुरुआती स्तर का व्यापार समझौता हो जाएगा और इससे भारतीय निर्यातकों को फायदा होगा।
यह समझौता टैरिफ के मुद्दे को काफी हद तक सुलझाने में मदद करेगा। अग्रवाल ने बताया कि दोनों देशों के बीच एक पूर्ण द्विपक्षीय व्यापार समझौते में समय लगेगा, इसलिए भारत अमेरिका के साथ एक शुरुआती स्तर की ट्रेड डील पर बातचीत कर रहा है। ये दोनों बातचीत अलग-अलग चल रही हैं, लेकिन एक-दूसरे को आगे बढ़ाने में सहायक होंगी।
सबसे पहले शुरुआती स्तर की ट्रेड डील होने की उम्मीद है, जो पारस्परिक टैरिफ विवाद को सुलझाने का काम करेगी। फिक्की की सालाना आम बैठक के दौरान एक पैनल चर्चा में अग्रवाल ने कहा कि चीजें उस स्थिति में पहुंच गई हैं जहां कम समय में बहुत कुछ हासिल किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि अब बातचीत करने के लिए ज्यादा कुछ नहीं बचा है, बहुत कम दिक्कतें हैं और एक राजनीतिक निर्णय लेने की आवश्यकता है। जब उनसे पूछा गया कि क्या शुरुआती स्तर का व्यापार समझौता 2025 में हो जाएगा, तो उन्होंने कहा कि सरकार इसकी उम्मीद कर रही है।
अग्रवाल ने कहा, “हम बहुत आशावादी हैं। हमें पूरी उम्मीद है कि हम इस कैलेंडर वर्ष के अंदर किसी न किसी नतीजे पर पहुंच जाएंगे, लेकिन जैसा कि आप जानते हैं कि किसी भी ट्रेड बातचीत में अगर दोनों साझीदारों में से एक के मन में कोई भ्रम है तो ट्रेड डील निर्धारित समयसीमा में होना मुश्किल होता है।”
द्वारका में अवैध पार्किंग बनी मौत का कारण? जाम में फंसी एंबुलेंस, मरीजों की जान पर खतरा!
बिहार की सियासत में भूचाल! विधानसभा सत्र के बीच तेजस्वी यादव अचानक दिल्ली रवाना, राहुल गांधी से मुलाकात की अटकलें तेज
‘नेहरू चाहते थे सरकारी पैसे से बने बाबरी मस्जिद’, राजनाथ सिंह के दावे पर भड़की कांग्रेस, दिया करारा जवाब
संसद में कुत्ता लेकर पहुंची रेणुका चौधरी, ‘भौ-भौ’ करके दिया जवाब; गरमाई सियासत
RBI MPC बैठक शुरू: क्या आम आदमी की EMI घटेगी? रेपो रेट पर बड़ा फैसला आज!
PM मोदी के ‘चायवाला’ AI वीडियो पर भड़की BJP, कांग्रेस को दिया ‘नामदार’ कहकर करारा जवाब
चांदी में तूफानी तेजी, 3000 रुपये प्रति किलो उछला दाम; क्या 1 लाख रुपये तक पहुंचेगी कीमत?
S-400 से कितना बेहतर है S-500? रूस के नए ‘रक्षा कवच’ की खासियतें, जिस पर भारत की नजर
