बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमले से भारत चिंतित, MEA ने कहा- ‘अल्पसंख्यकों के प्रति शत्रुता गंभीर चिंता का विषय’
भारत ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ लगातार हो रही हिंसा पर गहरी चिंता व्यक्त की है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने हाल ही में बांग्लादेश में दो हिंदू पुरुषों की पीट-पीटकर हत्या किए जाने की कड़ी निंदा की है। MEA प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के प्रति ‘अविराम शत्रुता’ गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि भारत इन घटनाओं से व्यथित है और उम्मीद करता है कि अपराध के दोषियों को न्याय के कटघरे में लाया जाएगा।
MEA ने कहा कि भारत ने लगातार अल्पसंख्यकों पर हमलों को लेकर चिंता जताई है और बांग्लादेश द्वारा इन घटनाओं पर पेश किए जा रहे ‘झूठे नैरेटिव’ को खारिज किया है। MEA के अनुसार, बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के कार्यकाल के दौरान अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा की लगभग 2,900 घटनाएं हुई हैं।
यह निंदा इस महीने बांग्लादेश में हिंदू पुरुषों की पीट-पीटकर हत्या की दो अलग-अलग घटनाओं के बाद आई है। पहली घटना राजबाड़ी जिले में हुई, जहां बुधवार रात को 30 वर्षीय अमृत मंडल (सम्राट) को भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला। पुलिस के अनुसार, यह हिंसा कथित तौर पर उगाही से संबंधित गतिविधियों के कारण हुई। पुलिस ने बताया कि सम्राट एक स्थानीय अपराधी था और उस पर हत्या सहित कई मामले दर्ज थे। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सम्राट और उसके साथियों ने एक स्थानीय निवासी से उगाही करने की कोशिश की, जिसके बाद ग्रामीणों ने उसे पकड़कर पीट दिया।
दूसरी घटना कुछ दिन पहले मैमनसिंह जिले में हुई थी, जहां 27 वर्षीय गारमेंट फैक्ट्री कर्मचारी दीपू चंद्र दास को ईशनिंदा के कथित आरोपों पर भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला था। पुलिस ने बताया कि दीपू के शरीर को एक पेड़ से बांधकर आग लगा दी गई थी। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने इन घटनाओं की निंदा की है और ‘नए बांग्लादेश’ में सांप्रदायिक नफरत या भीड़ की हिंसा के लिए कोई जगह न होने की बात कही है।
