IMFA सुरक्षा गार्ड लापता: ओडिशा पुलिस विशाखापट्टनम पहुंची, हर एंगल से हो रही है जांच
इम्फा (इंडियन मेटल्स एंड फेरो अलॉयज लिमिटेड) में तैनात सुरक्षा गार्ड जितेंद्रिय साहू के लापता होने के मामले में ओडिशा पुलिस ने जांच तेज कर दी है। मामले को अंतरराज्यीय मानते हुए पुलिस की एक विशेष टीम आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम पहुंचकर स्थानीय पुलिस के साथ समन्वय में जांच कर रही है।
पुलिस के अनुसार, देवगढ़ जिले का निवासी सुरक्षा गार्ड 13 दिसंबर को इम्फा के तीन क्रोमाइट लदे ट्रकों की सुरक्षा ड्यूटी पर चौद्वार से विशाखापट्टनम के लिए रवाना हुआ था। 15 दिसंबर को उसने विशाखापट्टनम पोर्ट पहुंचकर अपने परिवार से अंतिम बार फोन पर बातचीत की थी, जिसके बाद उसका मोबाइल फोन बंद हो गया। विशाखापट्टनम पहुंचने के बाद वह रेलवे स्टेशन क्षेत्र में अंतिम बार देखा गया, जिसके बाद से उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
इस संबंध में पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि मामले को गंभीरता से लिया गया है। ओडिशा पुलिस की टीम विशाखापट्टनम में सभी संभावित स्थानों पर जांच कर रही है। सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और ट्रकों से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया गया है।
ताजा कार्रवाई के तहत पुलिस टीम विशाखापट्टनम रेलवे स्टेशन और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। इसके साथ ही ट्रक चालकों, इम्फा से जुड़े कर्मचारियों और अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ की जा रही है। मोबाइल फोन की अंतिम लोकेशन और कॉल डिटेल रिकॉर्ड को भी जांच में शामिल किया गया है।
इस घटना का सार्वजनिक प्रभाव यह है कि यह सुरक्षा प्रोटोकॉल और अंतरराज्यीय परिवहन के दौरान कर्मचारियों की सुरक्षा पर सवाल उठाती है, जिससे कंपनियों को अपनी नीतियों की समीक्षा करने की आवश्यकता हो सकती है।
लापता सुरक्षा गार्ड के परिजन उसकी सुरक्षित वापसी को लेकर चिंतित हैं और पुलिस से लगातार संपर्क में हैं। पुलिस अधिकारियों ने परिजनों को भरोसा दिलाया है कि जांच में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी। सीमावर्ती राज्य तक टीम भेजकर की जा रही यह कार्रवाई ओडिशा पुलिस की तत्परता को दर्शाती है।
