लूज मोशन में कमजोरी और डिहाइड्रेशन से बचना है तो तुरंत बदल दें अपनी डाइट, जानें क्या खाएं और क्या नहीं
दस्त एक बहुत ही अनकंफर्टेबल डाइजेशन प्रॉब्लम है, जिसमें बार-बार पानी जैसा स्टूल आता है। इसका कारण इन्फेक्शन, खराब खाना-पानी, एलर्जी, दवाइयों के साइड इफेक्ट या पाचन से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में, शरीर में पानी और मिनरल्स की कमी हो जाती है, जिससे कमजोरी, थकान और डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए, सही डाइट का चुनाव न सिर्फ लक्षणों को नियंत्रित करता है बल्कि शरीर की रिकवरी को भी तेज करता है।
दस्त होने पर शरीर से पानी की कमी हो जाती है, यही वजह है कि डॉक्टर हल्का और आसानी से पचने वाला खाने की सलाह देते हैं। इस दौरान सही खानपान और हाइड्रेशन पर ध्यान देना बेहद जरूरी है। दस्त के दौरान हल्का, पचने में आसान और हाइड्रेशन बढ़ाने वाला खाना अपनाना चाहिए। पर्याप्त पानी, ओआरएस और सही खानपान से शरीर जल्दी ठीक होता है।
दस्त के समय तेल, मसाले और तला-भुना खाना खाने से बचना चाहिए। यह पाचन तंत्र पर दबाव डालता है और लक्षणों को बढ़ा सकता है। इसके अलावा, डेयरी उत्पाद (जैसे दूध), कैफीन और बहुत अधिक फाइबर वाले खाद्य पदार्थों से भी परहेज करना चाहिए।
अगर लक्षण 2–3 दिन में न सुधरें, खून आए या तेज बुखार हो, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
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