IBPS परीक्षा में बिहार के दो फर्जी उम्मीदवार गिरफ्तार, संगठित गिरोह का पर्दाफाश
रांची के तुपुदाना ओपी क्षेत्र स्थित आईओएन डिजिटल जोन में आईबीपीएस आरआरबी परीक्षा के दौरान दो फर्जी परीक्षार्थियों को परीक्षा शुरू होने से पहले ही पकड़ लिया गया। यह घटना परीक्षा के दौरान पहचान सत्यापन प्रक्रिया के दौरान सामने आई, जब दो संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान उनके आईडी कार्ड से मेल नहीं खाई।
पूछताछ में एक आरोपित ने अपना नाम रजनीश कुमार (32 वर्ष) बताया और स्वीकार किया कि वह अपने मित्र सौरभ कुमार की जगह परीक्षा देने आया था। दूसरे आरोपित, शिशुपाल कुमार (34 वर्ष) ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए कहा कि वह पहले भी तीन परीक्षाओं में इसी तरह दूसरों की जगह परीक्षा दे चुका है। दोनों नालंदा, बिहार के रहने वाले हैं।
आईबीपीएस द्वारा उपलब्ध कराए गए पूर्व रिकॉर्ड और साक्ष्यों में भी दोनों आरोपितों के कई परीक्षाओं में फर्जी तरीके से शामिल होने के प्रमाण पाए गए हैं। सेंटर प्रशासन ने तुरंत मामले की सूचना तुपुदाना ओपी को दी, जिसके बाद पुलिस ने दोनों के खिलाफ धुर्वा थाने में मामला दर्ज कर लिया है।
पुलिस के अनुसार, ये दोनों आरोपित पैसे लेकर दूसरों की जगह परीक्षाएं देने का काम करते थे। वे हर उम्मीदवार से परीक्षा से पहले आधा भुगतान और परीक्षा देने के बाद शेष राशि वसूलते थे। यह कार्य एक संगठित तरीके से चलाया जा रहा था। पुलिस अब इस नेटवर्क के विस्तार और इसमें शामिल अन्य लोगों का पता लगाने में जुटी हुई है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस नेटवर्क के जरिए कितने परीक्षार्थी लाभान्वित हुए हैं। इस मामले की जांच प्रमोद कुमार मिश्रा को सौंपी गई है और पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी है।
