यूपी में शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ा, State govt के फैसले का व्यापक स्वागत
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के मानदेय में वृद्धि किए जाने के फैसले का पूरे प्रदेश में व्यापक स्वागत किया गया है। इस घोषणा से लंबे समय से आर्थिक समस्याओं से जूझ रहे हजारों शिक्षामित्रों को बड़ी राहत मिली है। कई संगठनों ने इसे शिक्षामित्रों के लिए एक संजीवनी बताया है, जो उनके जीवन स्तर में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
पिछले नौ वर्षों से मानदेय बढ़ोत्तरी का इंतजार कर रहे शिक्षामित्रों के लिए यह निर्णय आशा की नई किरण लेकर आया है। आर्थिक तंगी के कारण शिक्षामित्र अपने बच्चों की शिक्षा, माता-पिता की दवाइयों और परिवार के खर्चों को चलाने में अक्षम महसूस कर रहे थे, जिससे कई बार गंभीर मानसिक तनाव की स्थिति भी उत्पन्न हुई थी। इस घोषणा से अब उन्हें अपने भविष्य के प्रति नई उम्मीद जगी है।
प्रदेश के विभिन्न शिक्षक संगठनों ने मुख्यमंत्री और पूरी सरकार का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि महंगाई को देखते हुए मानदेय में वृद्धि अत्यंत आवश्यक थी। संगठनों ने यह भी मांग की है कि शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को प्रति छमाही महंगाई भत्ता भी दिया जाए। इसके अतिरिक्त, जो शिक्षामित्र टीईटी (TET) परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके हैं, उनके नियमितीकरण पर भी सरकार को विचार करना चाहिए। यह कदम प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में लगे इन कर्मियों के मनोबल को और बढ़ाएगा और उन्हें बेहतर जीवन जीने का अवसर प्रदान करेगा।
