हत्या के सात दोषियों को आजीवन कारावास, दस-दस हजार का अर्थदंड
शहर के मोहल्ला नवाब की गली गद्दियान में छुरा व चाकुओं से गोदकर हुई निर्मम हत्या के मामले में एससीएसटी एक्ट कोर्ट ने सात दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने सभी सातों दोषियों को 10-10 हजार रुपए के अर्थदंड से भी दंडित किया है। इस फैसले से क्षेत्र में चर्चा का माहौल है।
सूत्रों के अनुसार, शहर के मोहल्ला नवाब की गली गद्दियान के रहने वाले अमीनुद्दीन ने 10 जुलाई 2019 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उनके बेटे दानिश की उसी शाम लगभग साढ़े पांच बजे उस समय हत्या कर दी गई जब वह अपने घर से पड़ोस के घर में दूध निकालने के लिए जा रहे थे। आरोप है कि कमरद्दीन पुत्र मुन्ने, इमरान व इरफान उर्फ इरफानी पुत्र कमरूद्दीन, फहीम व नईम पुत्र बजरूद्दीन, आरिफ पुत्र निहालुद्दीन, नासिर पुत्र जफरूद्दीन ने मिलकर दानिश पर छुरा व चाकुओं से जानलेवा हमला किया। इस हमले में दानिश की मौके पर ही मौत हो गई थी।
घटना के बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए सातों आरोपियों के विरुद्ध हत्या व अन्य सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया था। पुलिस ने गहन विवेचना के बाद सभी सातों आरोपियों के विरुद्ध कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया। मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट धनंजय मिश्रा की अदालत में हुई।
दोनों पक्षों को सुनने के बाद, अदालत ने कमरूद्दीन, इमरान, इरफान उर्फ इरफानी, फहीम, नईम, आरिफ व नासिर को दानिश की हत्या का दोषी पाया। अदालत ने उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही, प्रत्येक दोषी पर 10-10 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया है। विशेष लोक अभियोजक लोकेश शर्मा ने अभियोजन पक्ष की ओर से जोरदार पैरवी की, जिसके परिणामस्वरूप यह सजा सुनाई गई है।
