हरियाणा में ‘ऑपरेशन ट्रैकडाउन’: 4831 अपराधी गिरफ्तार, गैंगस्टर्स की कमर टूटी
हरियाणा पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन ट्रैकडाउन’ ने राज्य में संगठित अपराध के खिलाफ निर्णायक प्रहार किया है। इस विशेष अभियान के तहत अब तक कुल 4831 अपराधियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें 1479 हार्डकोर और वांछित अपराधी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, विभिन्न आपराधिक मामलों में 3352 अन्य आरोपियों को भी पकड़ा गया है।
शनिवार को प्रदेशव्यापी कार्रवाई में पुलिस ने 40 कुख्यात अपराधियों सहित कुल 225 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इस दौरान, एक बड़ी सफलता हाथ लगी जब बड़े आपराधिक गिरोह से जुड़े दो इनामी शूटर पुलिस के हत्थे चढ़े। इन दोनों पर 20-20 हजार रुपये का इनाम था। सूत्रों के अनुसार, इन शूटरों ने गुरुग्राम में गायक फाजिलपुरिया के निवास पर हुई फायरिंग, गुरुग्राम के एमएंडआर बिल्डर कार्यालय पर फायरिंग और करनाल की सागा म्यूजिक कंपनी के कार्यालय पर हुई फायरिंग जैसी वारदातों में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। पुलिस इन आरोपियों के खिलाफ सख्त धाराओं के तहत मामले दर्ज कर आगे की पूछताछ कर रही है।
ऑपरेशन ट्रैकडाउन के तहत अन्य गिरफ्तारियों में हिसार से एक महिला स्टाफ नर्स से छीना-झपटी के मामले में दूसरे आरोपी चिराग उर्फ शेरा की गिरफ्तारी शामिल है। इस आरोपी के खिलाफ पहले से ही लड़ाई-झगड़े और छीना-झपटी से जुड़े पांच मामले दर्ज हैं।
इसके अलावा, फतेहाबाद में एसटीएफ हिसार और भट्टू कलां थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में एक कुख्यात अवैध हथियार सप्लायर पंकज उर्फ पंकी को गिरफ्तार किया गया है। सूत्रों का कहना है कि यह गिरोह जेल में बंद सरगना बलराज और ईश्वर के इशारे पर काम कर रहा था, जो जेल से ही मनोज उर्फ शिब्बू, सुरेंद्र गोदारा और अंकित जैसे युवकों को अपने गिरोह में शामिल कर वारदातों को अंजाम दिलवाते थे। पुलिस ने रेड के दौरान मनोज उर्फ शिब्बू और अंकित को अवैध हथियारों के साथ पकड़ा था, जिसकी जांच में पंकज उर्फ पंकी की मुख्य भूमिका सामने आई। उस पर मारपीट, अवैध असला और संगठित अपराध से जुड़े कुल नौ गंभीर मुकदमे दर्ज हैं।
‘ऑपरेशन ट्रैकडाउन’ के तहत की गई इन गिरफ्तारियों से राज्य में सक्रिय आपराधिक गिरोहों की कमर टूटी है और कानून व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण मदद मिली है।
