हरियाणा का विजन 2047: 50 लाख रोजगार और ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य
हरियाणा सरकार ने वर्ष 2047 तक सूबे में 50 लाख नए रोजगार के अवसर पैदा करने और राज्य की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर के स्तर तक ले जाने का एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। यह घोषणा राज्य के ‘विजन डॉक्यूमेंट-2047’ में की गई है, जो भविष्य के हरियाणा के विकास की एक विस्तृत तस्वीर पेश करता है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में तैयार इस दस्तावेज़ का उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के सपने को साकार करने में हरियाणा की भूमिका को मजबूत करना है।
इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए, ‘मिशन हरियाणा-2047’ नामक एक उच्च स्तरीय टास्क फोर्स का गठन किया गया है। यह टास्क फोर्स राज्य के सकल घरेलू उत्पाद को दस खरब डॉलर तक पहुंचाने और 50 लाख युवाओं के लिए रोजगार सुनिश्चित करने की दिशा में काम कर रही है। विजन डॉक्यूमेंट में शिक्षा में सुधार, कृषि क्षेत्र को बढ़ावा, तेज आर्थिक विकास और स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया गया है, जो राज्य के समग्र विकास का रोडमैप तैयार करते हैं।
भविष्य की चुनौतियों और अवसरों का सामना करने के लिए, हरियाणा में एक विशेष ‘डिपार्टमेंट ऑफ फ्यूचर’ की स्थापना की जा रही है। यह विभाग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कंप्यूटिंग और रोबोटिक्स जैसी अत्याधुनिक तकनीकों के माध्यम से विकास की नई संभावनाओं की तलाश करेगा। यह विभाग एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था और समावेशी विकास को हासिल करने के लिए दीर्घकालिक रणनीतिक पहलों, तकनीकी दूरदर्शिता और एकीकृत नीतियों के निर्माण में एक नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करेगा। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में प्रगति के लिए विश्व बैंक के सहयोग से ‘हरियाणा एआई मिशन’ भी शुरू किया जा रहा है।
युवाओं को उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से, विजन डॉक्यूमेंट में ‘हरियाणा वेंचर कैपिटल फंड’ की स्थापना का प्रस्ताव है। यह फंड इंटर्नशिप, मेंटरशिप और किफायती इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदान करके स्टार्टअप्स को बढ़ावा देगा। इसके अतिरिक्त, निजी निवेशकों को दो हजार करोड़ रुपये का ‘फंड ऑफ फंड्स’ बनाने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाएगा, जिससे हरियाणा नवाचार और उद्यमिता का एक प्रमुख केंद्र बन सके।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा औद्योगिक विकास के लिए एक अनुकूल राज्य बनने की अपार क्षमता रखता है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि राज्य ने हाल के वर्षों में सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण प्रगति की है। वर्ष 2047 के लिए परिकल्पित इस परिवर्तनकारी दृष्टिकोण में शिशु मृत्यु दर को कम करना, सभी घरों तक पाइप से पानी पहुंचाना और वायु प्रदूषण को कम करके एक स्वच्छ वातावरण बनाना जैसे महत्वाकांक्षी लक्ष्य शामिल हैं।
