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हापुड़: 15 साल से अधूरा सीवर प्लांट, गंगा प्रदूषण और खुले मेनहोल से जनता बेहाल

By Nov 30, 2025

गढ़मुक्तेश्वर में गंगा नदी को स्वच्छ और निर्मल बनाने के उद्देश्य से पंद्रह साल पहले शुरू की गई सीवर ट्रीटमेंट प्लांट परियोजना आज भी अधूरी पड़ी है। गड़ावली और बृजघाट जैसे इलाकों में बनाए गए ट्रीटमेंट प्लांट पूरी तरह से निष्क्रिय हैं, जिससे शहर की सीवरेज व्यवस्था चरमरा गई है। अधूरी सीवर लाइनों और खुले पड़े मैनहोल के कारण गंदगी नालों के रास्ते सीधे गंगा में समा रही है, जो नदी के प्रदूषण का एक गंभीर कारण बन रहा है।nnइस समस्या का खामियाजा स्थानीय निवासियों को भुगतना पड़ रहा है। सीवेज के खुले मैनहोल राहगीरों के लिए दुर्घटनाओं का सबब बन रहे हैं, वहीं सीवेज की बदबू ने जनजीवन को दूभर कर दिया है। स्थानीय लोगों ने कई बार अधिकारियों से शिकायत की है, लेकिन अब तक समस्या का कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है।nnपांच साल पहले, 2020 में मेरठ मंडल के तत्कालीन आयुक्त सुरेंद्र सिंह ने एक विकास समीक्षा बैठक के दौरान इस मुद्दे पर संज्ञान लिया था। नगर पार्षदों ने सामूहिक रूप से सीवर लाइन की समस्या को कमिश्नर के समक्ष उठाया था। आयुक्त के निर्देश पर जब मौके का मुआयना किया गया, तो जल निगम के अधिशासी अभियंता ने ट्रीटमेंट प्लांट को बंद पाया और उसकी खराबी को स्वीकार किया। उस समय, संबंधित अधिकारियों के खिलाफ मामला भी दर्ज कराया गया था, लेकिन इसके बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है।nnव्यापार मंडल गढ़ के अध्यक्ष मूलचंद सिंघल ने बताया कि गढ़ बृजघाट में लगभग 50 करोड़ रुपये की लागत से सीवर लाइन ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण किया गया था। दुर्भाग्यवश, पिछले पंद्रह वर्षों से यह परियोजना रुकी हुई है और प्लांट अब तक चालू नहीं हो सका है। सीवर का गंदा पानी सीधे नालों में छोड़ा जा रहा है, जो अंततः गंगा में मिलकर उसे प्रदूषित कर रहा है। यह चिंता का विषय है कि पंद्रह साल बीत जाने के बाद भी सीवर लाइन से जुड़ी यह समस्या हल नहीं हो पाई है।nnस्थानीय निवासी संदीप त्यागी नीतू ने भी इस समस्या पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शहर में सीवर लाइन बिछाने का काम अधूरा है। मौजूदा सीवर का सारा गंदा पानी नालों में डाला जा रहा है, जो गंगा को दूषित कर रहा है। नीरज राणा ने बताया कि गंगा को साफ रखने के उद्देश्य से बनाई गई सीवर लाइन बीच में ही बंद है। खुले मेनहोल से न केवल बदबू फैल रही है, बल्कि कई लोग इनसे गिरकर घायल भी हो चुके हैं। बार-बार शिकायत करने के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है।nnउपजिलाधिकारी श्रीराम यादव ने स्वीकार किया है कि सीवर लाइन की समस्याओं को लेकर उन्हें लगातार शिकायतें मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि ट्रीटमेंट प्लांट बंद है और इस गंभीर समस्या को हल करने के लिए उच्च अधिकारियों को पत्र लिखकर समाधान का प्रयास किया जा रहा है।”
जा रहा है।

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