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हांगकांग में भीषण आग: 75 की मौत, 280 से अधिक लापता, नवीनीकरण कंपनी के निदेशक गिरफ्तार

By Nov 28, 2025

हांगकांग में सात आवासीय इमारतों में लगी भीषण आग ने अब तक 75 लोगों की जान ले ली है, जबकि 280 से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं। इस अग्निकांड को शहर के इतिहास की सबसे बड़ी त्रासदियों में से एक माना जा रहा है, जो पिछले 70 वर्षों में हुई सबसे भयानक आग की घटनाओं में से एक है। घायलों की संख्या भी 76 तक पहुंच गई है, जिनमें से 15 की हालत गंभीर बनी हुई है। मृतकों में एक बहादुर अग्निशमनकर्मी भी शामिल है, जिसने अपनी जान की परवाह किए बिना बचाव कार्य में हिस्सा लिया।

आग पर काबू पाने का प्रयास दूसरे दिन भी जारी रहा। सात में से चार ब्लॉकों में आग पर नियंत्रण पा लिया गया है, लेकिन 31-मंजिला इमारतों की ऊपरी मंजिलों पर अभी भी आग की लपटें देखी जा रही हैं। हांगकांग के प्रशासक ने सभी सरकारी आवासीय परिसरों की तत्काल जांच का आदेश दिया है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

बड़े पैमाने पर बचाव अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें पीड़ितों को इमारतों से सुरक्षित निकालने का काम जारी है। गर्मी के स्तर की निगरानी और आग को दोबारा भड़कने से रोकने के लिए ड्रोन का उपयोग किया जा रहा है। आग लगने का सटीक कारण अभी भी अज्ञात है और इसकी गहन जांच की जा रही है।

इस बीच, हांगकांग सरकार ने प्रभावित लोगों और परिवारों की मदद के लिए 30 करोड़ हांगकांग डॉलर का एक राहत कोष स्थापित किया है। 1983 में निर्मित वांग फुक कोर्ट, जहां यह आग लगी, ताई पो जिले में स्थित है और इसमें आठ टावर तथा 1,984 अपार्टमेंट हैं। 2021 की जनगणना के अनुसार, यहां लगभग 4,600 लोग रहते थे, जिनमें अनुमानित 40 प्रतिशत की उम्र 60 वर्ष से अधिक थी।

इमारतों के नवीनीकरण का काम चल रहा था, जिसके कारण सभी आठ टावरों पर जाल और बांस के मचान लगे थे। प्रारंभिक जांच में आग लगने के कारणों को लेकर चिंताएं जताई जा रही हैं। पुलिस ने नवीनीकरण कंपनी के दो निदेशकों और एक कंसल्टेंट को गैर-इरादतन हत्या के शक में गिरफ्तार किया है। सूत्रों के अनुसार, जांच में पता चला है कि लिफ्ट की खिड़कियों पर स्टायरोफोम का इस्तेमाल किया गया था, जो अत्यधिक ज्वलनशील होता है। इसी कारण आग तेजी से फैली और गलियारे से होते हुए फ्लैटों तक पहुंच गई। इमारतों के बाहर इस्तेमाल की गई जाली भी सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई। चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने इस त्रासदी पर गहरा दुख व्यक्त किया है और हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है।

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