हांगकांग अग्निकांड: 94 की मौत, 77 साल का सबसे भीषण हादसा
हांगकांग के ताई पो जिले में स्थित वांग फुक कोर्ट आवासीय कॉम्प्लेक्स में लगी भीषण आग ने 94 लोगों की जान ले ली है। यह घटना 1948 के बाद हांगकांग में हुई सबसे भयानक आग की घटनाओं में से एक है। आठ टावरों वाले इस कॉम्प्लेक्स में लगभग 4,600 लोग रहते हैं, जिनमें से सात टावर आग की चपेट में आ गए थे। आग बुधवार दोपहर को लगी और तेजी से फैली, जिसे बांस के मचान और हरे जाल ने और हवा दी।
आग पर अब लगभग काबू पा लिया गया है और अधिकारियों को उम्मीद है कि शुक्रवार तक बचाव और तलाशी अभियान पूरा कर लिया जाएगा। हालांकि, अभी भी दर्जनों लोग लापता बताए जा रहे हैं। पुलिस ने इस त्रासदी के लिए जिम्मेदार माने जा रहे तीन निर्माण कंपनी अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। उन पर खिड़कियों को ब्लॉक करने वाले ज्वलनशील फोम बोर्ड जैसी असुरक्षित निर्माण सामग्री का इस्तेमाल करने का आरोप है।
पुलिस अधीक्षक के अनुसार, कंपनी की ओर से घोर लापरवाही बरती गई, जिसके चलते यह भीषण हादसा हुआ। प्रेस्टीज कंस्ट्रक्शन नाम की कंपनी एक साल से अधिक समय से इन इमारतों का रखरखाव कर रही थी। पुलिस ने इस फर्म के दो डायरेक्टर और एक इंजीनियरिंग कंसल्टेंट को गिरफ्तार किया है।
उप अग्निशमन निदेशक ने बताया कि शुक्रवार सुबह तक सभी सात इमारतों की इकाइयों की तलाशी लेने का प्रयास किया जा रहा है ताकि किसी भी अन्य हताहत की संभावना को समाप्त किया जा सके। गुरुवार सुबह तक 279 लोग लापता थे, हालांकि यह आंकड़ा पिछले 24 घंटों से अपडेट नहीं हुआ है। अग्निशमन विभाग को अभी भी 25 कॉलों का समाधान निकालना बाकी है, जो आग लगने के बाद प्राप्त हुई थीं। यह घटना हांगकांग की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
