कानपुर में श्री बांके बिहारी का 56 और 36 व्यंजनों का भव्य भोग, दुर्लभ चरण दर्शन भी हुए
कानपुर में श्री बांके बिहारी जी सेवा समिति ने अपने 23वें वार्षिक महोत्सव का आयोजन किया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। इस विशेष अवसर पर, भगवान श्री बांके बिहारी जी को बाल भोग, छप्पन भोग और 36 विभिन्न प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाया गया। जयपुर के भजन गायक कुमार गिरिराज ने अपने मधुर भजनों से भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
फूलबाग स्थित नानाराव पार्क में आयोजित इस महोत्सव का शुभारंभ भगवान गणेश जी की वंदना और सुंदरकांड के पाठ से हुआ। यहां भक्तों को इत्र सेवा और माखन भोग जैसी वे सेवाएं भी सहजता से प्राप्त हुईं, जिनके लिए आमतौर पर वृन्दावन में लंबा इंतजार करना पड़ता है।
दरबार को इस प्रकार सजाया गया था मानो भगवान स्वयं रास विहार कर रहे हों। भगवान के रास विहार की झांकी के साथ-साथ उनकी विभिन्न लीलाओं को भी दर्शाया गया, जिसके मध्य में श्री बांके बिहारी लाल विराजमान थे। पूजा दीदी के भजनों ने माहौल को भक्तिमय बना दिया। वृन्दावन से विशेष रूप से पधारे श्री बांके बिहारी मंदिर के राजभोग सेवा अधिकारी गोस्वामी श्री कमल किशोर भी उपस्थित रहे।
इस महोत्सव का सबसे महत्वपूर्ण आकर्षण भगवान बांके बिहारी के अति दुर्लभ चरण दर्शन थे, जो वर्ष में केवल एक बार ही होते हैं। इन दिव्य दर्शनों को पाकर नगरवासी स्वयं को पुण्यभागी मान रहे थे। इस आयोजन में संस्था के कई अन्य सदस्य भी मौजूद रहे, जिन्होंने महोत्सव को सफल बनाने में योगदान दिया।
इस प्रकार के धार्मिक आयोजन शहरवासियों को भक्ति और आध्यात्मिकता से जुड़ने का अवसर प्रदान करते हैं, जिससे समुदाय में सकारात्मकता का संचार होता है।
