इंडिगो की मनमानी पर सरकार का ‘ट्रिपल अटैक’, 4 इंस्पेक्टरों पर गिरी गाज, CCI जांच शुरू
इंडिगो द्वारा बड़े पैमाने पर उड़ानें रद किए जाने से लाखों यात्रियों को हुई परेशानी के बाद सरकार की सख्ती दिखने लगी है। इस क्रम में शुक्रवार को कड़ा कदम उठाते हुए डीजीसीए ने अपने चार फ्लाइट इंस्पेक्टरों को बर्खास्त कर दिया है। दूसरी तरफ, डीजीसीए के बाद प्रतिस्पर्धा आयोग ने भी इंडिगो मामले की जांच शुरू कर दी है। तीसरे कदम के तहत सरकार ने एयरलाइन को 59 करोड़ के जीएसटी बकाये का नोटिस भी थमा दिया है।
विमानन सुरक्षा नियामक डीजीसीए ने इंडिगो की उड़ानों में व्यापक व्यवधान के कारण चार फ्लाइट इंस्पेक्टरों को बर्खास्त कर दिया है। फ्लाइट इंस्पेक्टर डीजीसीए के वरिष्ठ अधिकारी होते हैं। इनके पास सुरक्षा और परिचालन मानकों की निगरानी की जिम्मेदारी होती है। ये अधिकारी नियामक मानकों को पूरा करने के लिए एयरलाइनों और कर्मियों का निरीक्षण, ऑडिट और प्रमाणन करके विमानन सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं।
डीजीसीए ने इंडिगो के मामले में निरीक्षण और निगरानी ड्यूटी में लापरवाही पाए जाने के बाद फ्लाइट इंस्पेक्टरों- ऋष राज चटर्जी, सीमा झमनानी, अनिल कुमार पोखरिया और प्रियम कौशिक को हटा दिया। डीजीसीए का मानना है कि ये अधिकारी इंडिगो से नियमों का पालन करवाने में असफल रहे। नियामक ने कहा कि अनुबंध के आधार पर कार्यरत चारों अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से डीजीसीए से मुक्त किया जाता है और उन्हें उनके मूल संगठन में शामिल होने की अनुमति दी जाती है। इसके साथ ही नियामक ने एयरलाइन के संचालन पर कड़ी नजर रखने के लिए इंडिगो के गुरुग्राम कार्यालय में दो विशेष निगरानी दल तैनात किए हैं।
प्रेट्र के अनुसार, इंडिगो के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीटर एल्बर्स और मुख्य परिचालन अधिकारी इसिड्रे पोरक्वेरास शुक्रवार को डीजीसीए द्वारा नियुक्त चार सदस्यीय जांच समिति के समक्ष दूसरी बार पेश हुए। दोनों अधिकारी अलग-अलग जांच समिति के सामने पेश हुए और उनसे क्रमश: सात घंटे और पांच घंटे पूछताछ हुई। इससे पहले गुरुवार को जांच समिति ने एल्बर्स से पूछताछ की थी।
निष्पक्ष व्यापार नियामक संस्था भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआइ) इस बात की जांच कर रहा है कि क्या देश की सबसे बड़ी घरेलू एयरलाइन इंडिगो ने प्रतिस्पर्धा मानदंडों का उल्लंघन किया है। यदि नियमों का उल्लंघन पाया गया तो प्रतिस्पर्धा आयोग कड़ी कार्रवाई कर सकता है। इंडिगो की उड़ानों में भारी व्यवधान के कारण डीजीसीए की जांच पहले से चल रही है। डीजीसीए उड़ानों में व्यवधान की जांच करने के साथ-साथ इंडिगो के संचालन की निगरानी भी बढ़ा रहा है।
हालांकि, कुछ हलकों में इस बात को लेकर भी चिंता जताई जा रही है कि क्या घरेलू बाजार में एयरलाइन की मजबूत उपस्थिति भी इसका कारण हो सकती है? बताते चलें, घरेलू बाजार में इंडिगो की 65 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी है। दो दिसंबर से इसने हजारों उड़ानें रद कर दी हैं, जिससे लाखों यात्रियों को परेशानी हुई है।
दिल्ली में प्रदूषण का ‘गंभीर’ स्तर, GRAP-4 लागू; इन पाबंदियों से बदल जाएगी आपकी जिंदगी
दिल्ली-NCR में प्रदूषण का आपातकाल! GRAP-IV लागू, AQI 441 के पार, निर्माण कार्य ठप
SIP का पैसा आखिर जाता कहां है? 90% निवेशक नहीं जानते म्यूचुअल फंड की ‘AMC’ का ये बड़ा राज
दिल्ली में फिर गहराया प्रदूषण का संकट, 18 इलाकों में AQI 400 पार; ‘गंभीर’ श्रेणी के करीब पहुंची हवा
मनरेगा का नाम बदला, अब ‘पूज्य बापू ग्रामीण रोजगार योजना’, 100 की जगह 125 दिन मिलेगा काम
