अटल मेडिकल विवि में वेतन निर्धारण में गड़बड़ी पर शासन सख्त, जांच के आदेश
अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल यूनिवर्सिटी एक बार फिर अनियमितताओं के आरोपों से घिर गई है। डॉक्टरों के वेतन निर्धारण में भारी गड़बड़ी, फर्नीचर और अन्य वस्तुओं की खरीद में धांधली, और छात्रों से जमा की गई पांच हजार रुपये की राशि वापस न करने की शिकायतों ने शासन को जांच के आदेश देने पर मजबूर कर दिया है। इस मामले का खुलासा होने के बाद प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।
यह यूनिवर्सिटी प्रदेश के मेडिकल, डेंटल, पैरामेडिकल और नर्सिंग कॉलेजों को संबद्धता प्रदान करने के लिए स्थापित की गई है। वर्तमान में 279 नर्सिंग, 65 मेडिकल कॉलेज, 16 डेंटल और 47 पैरामेडिकल कॉलेज इससे संबद्ध हैं। हालांकि, सत्र को सुचारू रूप से चलाने में यूनिवर्सिटी अब तक नाकाम साबित हुई है।
आरोप है कि यूनिवर्सिटी में तैनात डॉक्टरों को ढाई लाख रुपये मासिक वेतन पाने के बावजूद चार लाख 50 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन दिया जा रहा है। इसके अलावा, फर्नीचर और अन्य सामानों की खरीद में भी बड़े पैमाने पर अनियमितताएं बरती गई हैं। समाजसेवियों द्वारा मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री को लिखे गए पत्रों के बाद शासन ने संयुक्त सचिव को जांच सौंपते हुए नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इस जांच से यूनिवर्सिटी में व्याप्त भ्रष्टाचार पर अंकुश लगने की उम्मीद है।
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