‘स्थाई नौकरी और 26000 वेतन दो’: करनाल में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का जोरदार प्रदर्शन, मंत्री के कार्यालय पर हंगामा
करनाल में आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्पर्स ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए स्थाई रोजगार और न्यूनतम वेतन 26,000 रुपये देने की मांग की। मजदूर विरोधी चारों लेबर कोड्स को रद्द करने के लिए आवाज बुलंद की गई। यह प्रदर्शन देश भर में आईफा के आह्वान पर केंद्रीय मंत्रियों और भाजपा सांसदों के कार्यालयों पर किए जा रहे कार्यक्रमों का हिस्सा था।
वर्क्स एंड हेल्पर्स यूनियन हरियाणा (रजि.1442) के आह्वान पर शनिवार को केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल के करनाल स्थित कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन की अध्यक्षता रूपा राणा करनाल, सुनीता यमुनानगर, सोना देवी सोनीपत, पूनम लोहान कैथल और क्रैच यूनियन की राज्य प्रधान सुशीला ने की।
यूनियन नेताओं ने एक सुर में कहा कि सरकार ने मार्च 2025 की शुरुआत में आशा वर्कर्स के निश्चित वेतन में वृद्धि की घोषणा की थी, लेकिन अभी तक इसे लागू नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि डिजिटलीकरण के नाम पर सरकार इन योजनाओं के हकदारों को समाप्त करने के पागलपन में लगी हुई है। बजट कटौती और वेतन का भुगतान न होना आम बात हो गई है।
यूनियन नेताओं सुनीता यमुनानगर, शकुन्तला कैथल, ममता और अमर जीत कौर ने मांग की कि वर्कर्स और हेल्पर्स के लिए न्यूनतम वेतन 26,000 रुपये लागू हो और वर्कर्स को तीसरे तथा हेल्पर्स को चौथे दर्जे का कर्मचारी बनाया जाए। उन्होंने हड़ताल के दौरान टर्मिनेटेड वर्कर्स और हेल्पर्स का मानदेय जारी करने की भी मांग की।
